5 मार्च 2026 की रात, मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम. टी20 वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफाइनल. मैदान खचाखच भरा हुआ, और माहौल ऐसा जैसे कोई बड़ा इतिहास रिपीट होने वाला हो.
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 253 रन ठोक दिए. टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में 200 से ज्यादा रन का सफल चेज किसी टीम ने नहीं किया. इसलिए स्कोरबोर्ड भारत के पक्ष में झुका हुआ दिख रहा था.
इस विशाल स्कोर में अभिषेक शर्मा ने फिर एक बार गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं. वहीं संजू सैमसन ने उम्मीदों को जवाब देते हुए बड़ी पारी खेली. शिवम दुबे भी अपनी शांत लेकिन प्रभावी बल्लेबाजी से टीम की मजबूती बनते गए.
लेकिन कहानी इतनी सीधी नहीं थी...
इंग्लैंड ने तूफानी शुरुआत
पिच सपाट थी. मैच से पहले क्यूरेटर ने घास हटा दी थी और हल्की रोलिंग की थी. ऐसे में ना स्विंग, ना ज्यादा टर्न दिखी.
ऐसे में इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए बस एक ही काम था, गेंद को देखो और मारो. इंग्लैंड ने शुरुआत भी उसी अंदाज में की. स्कोरबोर्ड पर जल्दी ही 1 विकेट पर 37 रन जुड़ गए.
जसप्रीत बुमराह को सौंपी गेंद, और गेंद के नीचे 'बापू'
पांचवें ओवर की पहली गेंद. बुमराह का अजीब सा रनअप, तेज लोडिंग और फिर उंगलियों से निकली धीमी गेंद. हैरी ब्रुक ने शॉट पहले ही खेल दिया. गेंद हवा में गई, लंबी और ऊंची. और यहीं से कहानी बदलने वाली थी. गेंद लंबी उड़ान में थी. मैदान पर कोई उसके नीचे नहीं दिख रहा था. तभी डीप से दौड़ते हुए 'बापू'अक्षर पटेल आए.
पीछे की ओर भागते हुए कैच पकड़ना क्रिकेट का सबसे मुश्किल काम माना जाता है. लेकिन अक्षर ने कदम जमाए, हाथ फैलाए और गेंद हथेलियों में समा गई. बाद में उन्होंने कहा- यह मेरे करियर के सबसे अच्छे कैचों में से एक था.”
लेकिन अक्षर का काम अभी खत्म नहीं हुआ...
13.6 ओवर... विल जैक्स ने अर्शदीप सिंह की गेंद को एक्स्ट्रा कवर की तरफ उछाल दिया. डीप कवर से दौड़ते हुए अक्षर पटेल लगभग फिसलते हुए पहुंचे. उन्होंने गेंद को पकड़ा, संतुलन बिगड़ते देख तुरंत शिवम दुबे को थ्रो कर दिया. और एक शानदार रिले कैच हुआ . कुल मिलाकर सेमीफाइनल में दो ऐसे कैच पकड़े गए, जिनकी उम्मीद भी मुश्किल थी.
5 मार्च की रात मैदान पर दो गुजराती खिलाड़ियों अक्षर और बुमराह की जुगलबंदी चल रही थी, इनमें एक गेंद से, दूसरा फील्डिंग से कमाल कर रहा था.
भारत Vs इंग्लैंड का का सबसे तनाव भरा मोड़ कौन सा था?
इंग्लैंड को जीत के लिए 30 गेंदों में 69 रन चाहिए थे.मैदान पर सन्नाटा था.वानखेड़े का सन्नाटा हमेशा खास होता है, 50 हजार लोगों के बीच भी सांसें थमी हुई लगती हैं. लेकिन सभी को एक ही नाम पर भरोसा था, वो था जसप्रीत बुमराह पर .... बुमराह ने 16वें ओवर में 9 रन दिए. इसके बाद उन्होंने 18वें ओवर में सिर्फ 6 रन दिए. बुमराह ने इस ओवर में लगातार तीन यॉर्कर डाले. दो लो फुलटॉस जैसी सटीक गेंदें, जिन्हें बल्लेबाज सिर्फ रोक पाए.
अब समीकरण था, 12 गेंदों में 39 रन...
यहीं मैच लगभग खत्म हो गया. भारत की जीत और दो गुजराती नायक अंत में भारत ने 7 रन से जीत दर्ज की और टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली. मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्थिव पटेल ने अक्षर पटेल से उनके कैचों के बारे में पूछा. अक्षर मुस्कुराए और बोले- ब्रुक वाला कैच मेरे सबसे अच्छे कैचों में से एक था. दूसरे के बारे में उन्होंने ज्यादा कुछ नहीं कहा. बस इतना-हम जीत गए.
संजू सैमसन, जिन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, उन्होंने भी बुमराह की तारीफ की. उन्होंने कहा कि अगर उनके हाथ में होता तो POTM बुमराह को देते.
यानी वानखेड़े में 5 मार्च की रात की कहानी कुछ ऐसी ही थी. दो गुजराती खिलाड़ी. उनमें से एक ‘बापू’. और इंग्लैंड की टीम, जो जीत के करीब आकर भी इतिहास नहीं बदल पाई. भारत फाइनल में था.
(हमारे गेस्ट लेखक संदीपन शर्मा को क्रिकेट, सिनेमा, संगीत और राजनीति पर लिखना पसंद है, उनका मानना है कि ये सब आपस में जुड़े हुए हैं.)
संदीपन शर्मा