पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सलीम मलिक 16 अप्रैल (गुरुवार) को 63 साल के हो गए. लाहौर में जन्मे सलीम अपने दौर के सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में गिने जाते थे. दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को 'स्क्वायर ऑफ द विकेट' शॉट खेलने में महारत हासिल थी और उन्होंने कई मौकों पर पाकिस्तानी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला,.
सलीम मलिक ने बहुत कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और अपने डेब्यू टेस्ट मैच में ही इतिहास रच दिया. मार्च 1981 में श्रीलंका के खिलाफ कराची टेस्ट में उन्होंने नाबाद 100 रन बनाए थे. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 18 साल और 323 दिन थी. इसके साथ ही सलीम पाकिस्तान के लिए डेब्यू टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए. सलीम का ये रिकॉर्ड अब भी बरकरार है.
टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में सलीम मलिक छठे स्थान पर आते हैं. सलीम ने अपने टेस्ट करियर में 15 शतक लगाए, लेकिन उनकी बल्लेबाजी से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प रिकॉर्ड भी रहा. इन 15 टेस्ट शतकों में से सात में उनका स्कोर 100 से 102 रन के बीच रहा. यह रिकॉर्ड उन्हें बाकी बल्लेबाजों से अलग बनाता है.
...जब सलीम पर लगा बैन
सलीम मलिक का करियर जितना शानदार रहा, उतना ही विवादों से भी भरा रहा. साल 2000 में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने उन पर मैच फिक्सिंग के आरोप में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से आजीवन प्रतिबंध लगा दिया. सलीम दुनिया के ऐसे पहले क्रिकेटर बने, जिन पर मैच फिक्सिंग के आरोप में लाइफटाइम बैन लगाया गया.
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न्यायमूर्ति कय्यूम की जांच में सलीम मलिक को दोषी पाया गया था. ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर शेन वॉर्न और मार्क वॉ ने भी उनके खिलाफ गवाही दी थी. दोनों खिलाड़ियों ने आरोप लगाया था कि दिसंबर 1994 में कराची टेस्ट के दौरान सलीम मलिक ने रिश्वत देने की कोशिश की थी.
शेन वॉर्न को दिया पैसों का लालच
बताया जाता है कि सलीम मलिक ने शेन वॉर्न और टिम मे को खराब गेंदबाजी करने के लिए पैसों का ऑफर दिया था. वॉर्न के मुताबिक सलीम ने उन्हें 2 लाख डॉलर देने की बात कही थी. उस समय यह रकम भारतीय मुद्रा में करीब 62 लाख रुपये के बराबर थी.
शेन वॉर्न ने बाद में एक इंटरव्यू में कहा था, 'कराची टेस्ट को लेकर हमें पूरा भरोसा था कि हम मैच जीत जाएंगे. तभी एक शख्स हमारे कमरे में आया और उसने अपना नाम सलीम मलिक बताया. उसने कहा कि पाकिस्तान अपने घर में नहीं हार सकता, वरना लोगों के घर जला दिए जाएंगे.'
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शेन वॉर्न ने बताया था, 'जब सलीम मलिक ने ऑफर दिया तो मैं कुछ देर के लिए हैरान रह गया था. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या जवाब दूं. लेकिन आखिर में मैंने साफ कर दिया कि मुझे अतिरिक्त पैसे नहीं चाहिए और मैं खराब गेंदबाजी नहीं करूंगा.'
दिलचस्प बात यह रही कि जिस कराची टेस्ट को लेकर इतना विवाद हुआ, उसमें पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को एक विकेट से पराजित किया था. उस सीरीज में सलीम मलिक जबरदस्त फॉर्म में थे. उन्होंने तीन टेस्ट मैचों में 557 रन बनाए और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुने गए. उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज 1-0 से अपने नाम की थी.
साल 2001 में सलीम मलिक ने अपने ऊपर लगे आजीवन प्रतिबंध के खिलाफ अपील की, लेकिन लाहौर हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया. आखिरकार सात साल बाद 2008 में लाहौर की एक स्थानीय अदालत ने उन पर लगा बैन हटा दिया.
अगर सलीम मलिक के अंतरराष्ट्रीय करियर पर नजर डालें, तो उन्होंने पाकिस्तान के लिए 103 टेस्ट और 283 वनडे मैच खेले. टेस्ट मैचों में उन्होंने 43.60 के एवरेज से 5768 रन बनाए, जिसमें 15 शतक और 29 अर्धशतक शामिल रहे. टेस्ट में उनका सर्वोच्च स्कोर 237 रन रहा. वहीं वनडे इंटरनेशनल में सलीम के बल्ले से 7170 रन निकले. इस दौरान उन्होंने 5 शतक और 47 अर्धशतक लगाए. ओडीआई में उनका सर्वोच्च स्कोर 102 रन रहा. बल्लेबाजी के अलावा उन्होंने गेंदबाजी में भी योगदान दिया. सलीम ने टेस्ट में 5, जबकि ओडीआई में 89 विकेट हासिल किए.
सलीम मलिक ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की 12 टेस्ट और 34 वनडे इंटरनेशनल मैचों में अगुवाई भी की. उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने 7 टेस्ट और 21 वनडे मुकाबले जीते. उन्होंने काउंटी क्रिकेट में एसेक्स का भी प्रतिनिधित्व किया, जहां साथी खिलाड़ी उन्हें ‘स्लिम’ कहकर बुलाते थे.
सलीम मलिक की कहानी क्रिकेट में प्रतिभा, सफलता, विवाद और वापसी की कहानी है. उन्होंने डेब्यू मैच में शतक लगाकर इतिहास रचा, लेकिन मैच फिक्सिंग विवाद ने उनके करियर पर हमेशा के लिए एक दाग भी छोड़ दिया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क