पाकिस्तानी क्रिकेटर अहमद शहजाद ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की हो रही तुलना को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि खिलाड़ियों पर बैन लगाने से पीएसएल मजबूत नहीं होगी, बल्कि लीग को अपनी गुणवत्ता, ब्रांड वैल्यू और ग्लोबल पहचान बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने हाल ही में दावा किया था कि वो पीएसएल को आने वाले समय में दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग बना देंगे.
अब अहमद शहजाद ने मोहसिन नकवी को एक तरह से आईना दिखाया है. अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान शहजाद ने कहा कि पीएसएल को इस बात में नहीं उलझना चाहिए कि किस खिलाड़ी ने लीग छोड़ी और किस पर कार्रवाई की गई. उनके मुताबिक लीग को अपनी स्थिति को समझते हुए आगे बढ़ना होगा. शहजाद ने कहा, 'हमें इस बात में नहीं उलझना चाहिए कि किस खिलाड़ी को बैन किया गया और किसे नहीं. हमें बड़ी पिक्चर पर ध्यान देना होगा. अगर हम हर बार बैन और विवादों पर ही बात करेंगे, तो लीग आगे नहीं बढ़ पाएगी.'
अहमद शहजाद ने आगे कहा, 'हकीकत यह है कि पीएसएल में ज्यादातर वही खिलाड़ी खेल रहे हैं जो आईपीएल से बाहर हो चुके हैं, रिटायर हो चुके हैं या जिनका वहां भविष्य खत्म हो चुका है. हमें इस बात को मानने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.' शहजाद ने उदाहरण के तौर पर डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ का नाम लिया. उन्होंने कहा कि ये ऐसे खिलाड़ी हैं जिनकी आईपीएल में अब पहले जैसी मांग नहीं रही, इसलिए वे पीएसएल का हिस्सा बन रहे हैं.
सच को स्वीकारना होगा: शहजाद
उन्होंने पीएसएल को आईपीएल से बड़ा या बेहतर बताने वाले दावों पर भी सवाल उठाए. शहजाद ने साफ कहा, 'अगर किसी खिलाड़ी के पास दोनों लीग में खेलने का मौका होगा, तो वह आईपीएल को चुनेगा. यह सच है और हमें इसे स्वीकार करना चाहिए. पीएसएल को बेहतर बनाने के लिए पहले हमें अपनी स्थिति को समझना होगा.'
उनका मानना है कि आईपीएल का आर्थिक पक्ष, ग्लोबल पहुंच, ब्रांड वैल्यू और खिलाड़ियों को मिलने वाले मौके पीएसएल से कहीं ज्यादा बड़े हैं. ऐसे में पीएसएल को खुद को बेहतर बनाने के लिए नए तरीके अपनाने होंगे. शहजाद का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पीसीबी उन खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है जो पीएसएल छोड़कर आईपीएल में खेलने जा रहे हैं.
हाल ही में बोर्ड ने ब्लेसिंग मुजारबानी पर दो साल का बैन लगाया था. मुजारबानी ने इस्लामाबाद यूनाइटेड के साथ अपना पीएसएल करार छोड़कर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से जुड़ने का फैसला किया था. इसके बाद पीसीबी ने इसे अनुबंध का उल्लंघन मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की.
इस मामले पर शहजाद ने पीसीबी का समर्थन किया. उन्होंने कहा, 'मुजारबानी के मामले में पीसीबी ने सही कदम उठाया क्योंकि उन्होंने पहले पीएसएल खेलने के लिए हामी भरी थी और बाद में पीछे हट गए. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर बार बैन को ही सबसे बड़ा मुद्दा बना दिया जाए.'
उन्होंने कहा कि पीएसएल में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और ज्यादा पैसे देने की जरूरत है, तभी लीग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह मजबूत कर पाएगी. स्पेंसर जॉनसन और दासुन शनाका जैसे खिलाड़ी भी पीएसएल छोड़कर आईपीएल में खेलने का फैसला कर चुके हैं. माना जा रहा है कि इन खिलाड़ियों पर भी पीसीबी कार्रवाई कर सकता है.
शहजाद के बयान ने एक बार फिर उस बहस को तेज कर दिया है कि क्या पीएसएल वास्तव में आईपीएल को चुनौती दे सकती है. फिलहाल आंकड़े, खिलाड़ियों की पसंद और आर्थिक ताकत यही दिखाती है कि आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग है, जबकि पीएसएल को खुद को मजबूत बनाने के लिए अभी लंबा सफर तय करना है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क