इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) 2026 के मुकाबले में अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटन्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए मैच में एक कैच ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया. यह घटना पहली पारी के 8वें ओवर में हुई, जब जेसन होल्डर ने रजत पाटीदार का कैच पकड़ा.
अरशद खान की शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलने की कोशिश में पाटीदार के बल्ले का टॉप-एज लगा और गेंद हवा में चली गई. डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग से दौड़ते हुए होल्डर ने फाइन लेग की दिशा में डाइव लगाकर बाएं हाथ से शानदार कैच लपक लिया. इस दौरान कगिसो रबाडा भी गेंद की ओर भाग रहे थे और दोनों के बीच टकराव की स्थिति बन गई.
पहली नजर में लगा कि कैच छूट गया है, क्योंकि गेंद जमीन से टकराती दिखी. पाटीदार भी पवेलियन की ओर लौटने लगे थे. हालांकि, तीसरे अंपायर ने इस फैसले की समीक्षा की. रिप्ले में गेंद जमीन को छूती जरूर दिखी, लेकिन यह होल्डर की उंगलियों के बीच नियंत्रित थी.
तीसरे अंपायर अभिजीत भट्टाचार्य ने इसे वैध कैच मानते हुए पाटीदार को आउट करार दिया. यह फैसला RCB खेमे को रास नहीं आया. विराट काफी नाराज दिखे और चौथे अंपायर से बहस करते नजर आए. टीम के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट मो बोबाट भी इस फैसले पर असहमति जताते दिखे. वहीं शुभमन गिल मैदान में उस समय मौजूद देवदत्त पडिक्कल को यह समझाते हुए दिखे कि होल्डर ने सही कैच पकड़ा है.
MCC नियम ने साफ किया मामला
मेरिलबॉर्न क्रिकेट क्लब (MCC) के नियम 33.2.2.1 के अनुसार, यदि गेंद फील्डर के हाथों में नियंत्रण में है, तो भले ही हाथ जमीन को छू जाए, कैच वैध माना जाएगा.
यानी इस मामले में भले ही गेंद जमीन से संपर्क में आई, लेकिन होल्डर का उस पर पूरा नियंत्रण था, इसलिए अंपायर का फैसला नियमों के मुताबिक सही माना गया.
कमेंट्री में भी दिखा ड्रामा
क्रिकइंफो और क्रिकबज दोनों की कमेंट्री में इस कैच को शानदार बताया गया, लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया गया कि RCB खिलाड़ियों ने इसे ‘ग्राउंड टच’ मानकर विवाद उठाया. खासकर कोहली की प्रतिक्रिया ने इस पूरे घटनाक्रम को और गर्मा दिया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क