आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस (MI) ने गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ मुकाबले में एक बड़ा रणनीतिक बदलाव किया, जिसने मैच का रुख ही बदल दिया. टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को पहली बार इस सीजन में पारी का पहला ओवर सौंपा गया और उन्होंने कप्तान के इस फैसले को तुरंत सही साबित कर दिया.
बुमराह ने पहली ही गेंद पर सोमवार को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ हुए मुकाबले में साई सुदर्शन का विकेट लेकर इस सीजन में अपना खाता खोला. इससे पहले MI के पांच मैचों में पहला ओवर दीपक चाहर (3 बार) और ट्रेंट बोल्ट (2 बार) ने फेंका था. उन मुकाबलों में टीम को सिर्फ एक जीत मिली थी और बुमराह विकेट के लिए तरस रहे थे.
इस आईपीएल में बुमराह को ज्यादातर बार दूसरे या बाद के ओवरों में गेंदबाजी दी गई, जब विपक्षी टीम बिना विकेट के 40-60 रन तक पहुंच चुकी होती थी. लेकिन गुजरात के खिलाफ हालात अलग थे, स्कोर 0/0 था और बुमराह ने नई गेंद का पूरा फायदा उठाते हुए शुरुआती झटका दे दिया.
पूर्व साउथ अफ्रीकी कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने इस फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि इससे टीम का आत्मविश्वास तुरंत बढ़ गया. उन्होंने कहा कि जब पहला ओवर महंगा पड़ता है, तो फील्डिंग टीम का बॉडी लैंग्वेज गिर जाता है, लेकिन बुमराह के शुरुआती विकेट ने टीम में नई ऊर्जा भर दी.
यह भी पढ़ें: GT vs MI, IPL 2026 Highlights: लगातार 4 मैच की हार के बाद मुंबई को मिली जीत, गुजरात को 99 रनों से रौंदा, तिलक का शतक
वहीं, क्रिकेट एक्सपर्ट अभिनव मुकुंद ने बताया कि टी20 क्रिकेट में अब दूसरा ओवर और पहला ओवर अलग मायने रखते हैं. उनका मानना है कि नई गेंद से स्विंग का फायदा उठाने के लिए बुमराह को शुरुआत में लाना ज्यादा असरदार है, खासकर तब जब विरोधी टीम मिडिल ओवर्स में स्पिन के खिलाफ कमजोर हो.
इस मैच में MI ने दो स्पिनरों के साथ उतरकर रणनीति को और मजबूत किया. 199 रन के लक्ष्य का बचाव करते हुए बुमराह का शुरुआती विकेट टीम के लिए टोन सेट करने वाला साबित हुआ.
ध्यान रहे मुंबई इंडियंस ने 2020 के बाद से कोई आईपीएल खिताब नहीं जीता है. ऐसे में बुमराह को नई गेंद देना एक तरह से पुराने सफल फॉर्मूले की वापसी भी माना जा रहा है. बदलते टी20 ट्रेंड्स और ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम के बीच यह रणनीति MI के लिए आगे भी फायदेमंद साबित हो सकती है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क