चेतन शर्मा ने विराट ब्रिगेड को दिया इंग्लैंड जीतने का अचूक मंत्र

चेतन शर्मा ने इंग्लैंड की धरती पर 1986 की सीरीज में दो टेस्ट मैचों में 18.75 की औसत से सर्वाधिक 16 विकेट चटकाए थे. इंग्लैंड की ओर से तेज गेंदबाज डैरेक प्रिंगल सीरीज के सभी 3 टेस्ट खेलकर 13 विकेट ही ले पाए थे.

Advertisement
चेतन शर्मा (getty) चेतन शर्मा (getty)

विश्व मोहन मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 31 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 9:18 AM IST

भारत की इंग्लैंड पर 1986 की टेस्ट सीरीज में जीत के नायक रहे पूर्व तेज गेंदबाज चेतन शर्मा ने टीम इंडिया को सलाह दी है. एक अगस्त से शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजों को शॉर्ट पिच गेंद करने से बचने और ‘ऊपर गेंद डालने’ (शार्ट ऑफ गुडलेंथ) को कहा है.

चेतन ने 1986 के दौर में लॉर्ड्स में पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में 64 रन देकर पांच विकेट लेकर भारत की जीत की नींव रखी थी. इसके बाद उन्होंने बर्मिंघम में तीसरे टेस्ट मैच में दस विकेट चटकाए थे. भारत ने यह सीरीज 2-0 से जीती थी.

Advertisement

भारत की तरफ से 23 टेस्ट मैचों में 61 विकेट लेने वाले शर्मा ने कहा कि 32 साल पहले ऊपर गेंद डालने, उसे मूव और स्विंग कराने की रणनीति अपनाई थी, जिससे उन्हें सफलता मिली. उन्होंने ईशांत शर्मा, उमेश यादव और मोहम्मद शमी की भारतीय तेज गेंदबाजी की त्रिमूर्ति को भी यही रणनीति अपनाने की सलाह दी.

शर्मा ने पीटीआई से कहा, ‘परिस्थितियों पर काफी कुछ निर्भर करता है, लेकिन वहां से जैसी खबरें आ रही हैं उससे लगता है कि तेज गेंदबाजों के लिए मौसम बहुत अच्छा हो गया है. बारिश हो रही है और विकेट पर नमी रहेगी. मैं हमेशा से कहता रहा हूं कि इंग्लैंड में आप जितना ऊपर गेंद डालेंगे, तो गेंद अधिक स्विंग होगी. शॉर्ट पिच गेंद करने से वहां कोई फायदा नहीं मिलेगा.’

उन्होंने कहा, ‘आज कल के जमाने में गति से और शॉर्ट पिच गेंदों से कोई डरता नहीं है. आपको गेंद ऊपर डालनी होगी, उसे मूव कराना होगा. अगर आप शॉर्ट ऑफ गुडलेंथ में गेंद कराते हैं, तो वह स्वत: ही मूव करेगी और विकेट मिलेंगे.’ शर्मा का मानना है कि सीमित ओवरों की सीरीज में तेज गेंदबाजों को शॉर्ट पिच गेंदें करने के कारण अपेक्षित सफलता नहीं मिली.

Advertisement

उन्होंने कहा, ‘जैसे कि अभी हमने टी-20 और वनडे में देखा कि हमारे कुछ गेंदबाजों ने शॉर्ट पिच गेंदें कीं और उनकी काफी धुनाई हुई. अगर शॉर्ट पिच गेंद डालोगे, तो फिर रन बनेंगे, लेकिन शॉर्ट ऑफ गुडलेंथ में गेंद करने से विकेट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी.’

शर्मा ने कहा, ‘विश्व का अच्छे से अच्छा बल्लेबाज भी स्विंग नहीं खेल पाता है. अगर हमारे तीनों तेज गेंदबाज ऊपर गेंद डालते हैं, तो मुझे कोई ऐसा कारण नजर नहीं आता है, जिससे उन्हें सफलता नहीं मिले. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में जिस तरह का प्रदर्शन किया था, उसी को दिमाग में रखना होगा.’

चेतन शर्मा ने इस संदर्भ में 1986 के दौरे का जिक्र भी किया, जब उन्होंने अपनी कातिलाना गेंदबाजी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों के दिमाग में खौफ पैदा कर दिया था. उन्होंने कहा, ‘आप देखिए मुझे जितने भी विकेट मिले हैं, उनमें से अधिकतर पर बल्लेबाजों ने विकेट के पीछे और स्लिप में कैच दिए. कुछ बोल्ड हुए. शॉर्ट ऑफ गुडलेंथ से गेंद माइक गैटिंग के लिए अंदर आती थी.’

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »