'दिमागी थकान के चलते विराट कोहली ने लिया टेस्ट से संन्यास...', टीम इंडिया के पूर्व कोच का बड़ा दावा

विराट कोहली ने 12 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया था. वह 20 जून से शुरू हो रहे इंग्लैंड दौरे पर भारत की पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ में खेलने वाले . हालांकि, 36 वर्षीय कोहली ने फैसला किया कि अब उनके लिए इस फॉर्मेट से अलग होने का सही वक्त आ गया है, जिसे वह सबसे ज़्यादा प्यार करते हैं.

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टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली. टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 जून 2025,
  • अपडेटेड 11:06 AM IST

विराट कोहली ने 12 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया था. वह 20 जून से शुरू हो रहे इंग्लैंड दौरे पर भारत की पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ में खेलने वाले . हालांकि, 36 वर्षीय कोहली ने फैसला किया कि अब उनके लिए इस फॉर्मेट से अलग होने का सही वक्त आ गया है, जिसे वह सबसे ज़्यादा प्यार करते हैं. हाल के समय में कोहली के लिए टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन चुनौतीपूर्ण रहा था. 2024 के बाद से भारत के पूर्व कप्तान ने 11 टेस्ट में सिर्फ 440 रन बनाए, उनका औसत 23.16 रहा. इस दौरान उनके बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक और एक शतक निकला. हालांकि, प्रशंसकों को उम्मीद थी कि वह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2025-2027 चक्र में अपनी फॉर्म फिर से हासिल करेंगे.

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ग्रेग चैपल ने बताई कोहली की मानसिक स्थिति

भारत के पूर्व कोच ग्रेग चैपल का मानना है कि कोहली के इस फैसले के पीछे उनकी मानसिक स्पष्टता की कमी रही. चैपल ने कहा कि इस दिग्गज बल्लेबाज़ को यह स्वीकार करना पड़ा कि अब उनका शरीर और मन पहले जैसी तालमेल में नहीं हैं. चैपल ने कहा, यह फैसला उनके खेल कौशल में कमी की वजह से नहीं, बल्कि इस एहसास से हुआ कि अब वह पहले जैसी मानसिक स्पष्टता नहीं जुटा पा रहे हैं, जिसने उन्हें इतना शानदार बल्लेबाज़ बनाया था. उन्होंने मान लिया कि सबसे ऊंचे स्तर पर जब तक मन तेज़ और स्पष्ट न हो, शरीर भी जवाब दे जाता है.'

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ग्रेग चैपल ने कहा कि जब संदेह शरीर में घर कर जाता है तो यह निर्णय क्षमता को प्रभावित करता है, फुटवर्क बिगाड़ता है और उस सहजता को खत्म कर देता है जो किसी खिलाड़ी को विश्वस्तरीय बनाती है. कोहली का संन्यास हमें यह याद दिलाता है कि फॉर्म का सीधा ताल्लुक तकनीक से नहीं, बल्कि दिमाग से होता है.

कोहली, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट से पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था, भारत के लिए वनडे क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे. दिल्ली के इस बल्लेबाज़ ने टेस्ट क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड बनाया, 123 टेस्ट में 9230 रन बनाए, उनका औसत 46.85 रहा. उन्होंने इस दौरान 30 शतक और 31 अर्धशतक जड़े.

उनकी अनुपस्थिति में भारत को टेस्ट क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में नंबर 4 के स्थान के लिए संभावित विकल्प तलाशने होंगे. हाल ही में इंडिया ए और इंग्लैंड लॉयंस के बीच खेले गए चार दिवसीय मैच में शानदार दोहरा शतक लगाने वाले करुण नायर इस रेस में सबसे आगे हो सकते हैं. इसके अलावा भारत के नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल, जिन्होंने हाल के समय में नंबर 3 पर बल्लेबाज़ी की है, नंबर 4 पर भी उतर सकते हैं.

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