टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद भारतीय टीम के मंदिर जाने पर सवाल उठाए थे. दरअसल, भारत ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता था. इसके बाद कप्तान सूर्या, कोच गौतम गंभीर और जय शाह अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे.
टीएमसी सांसद ने उठाए थे सवाल
टीम इंडिया के इस कदम पर 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य कीर्ति आजाद ने सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रॉफी को सिर्फ मंदिर ही क्यों ले जाया गया. उनका कहना था कि अगर ऐसा किया गया है तो उसे दूसरे धर्मों के पूजा स्थलों पर भी ले जाना चाहिए था. उन्होंने इस फैसले को भेदभावपूर्ण बताया.
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क्या बोले गौतम गंभीर
इस पर जवाब देते हुए गौतम गंभीर ने कहा कि यह ऐसा मुद्दा ही नहीं है जिसका जवाब दिया जाए. उनके मुताबिक यह पूरे देश के लिए बहुत बड़ा पल है और इस जीत का जश्न मनाया जाना चाहिए. गंभीर ने कहा कि कुछ बयान सिर्फ खिलाड़ियों की उपलब्धि को कम करके दिखाते हैं. अगर हर ऐसे बयान को गंभीरता से लिया जाएगा तो इससे टीम की मेहनत और सफलता का महत्व कम हो जाएगा.
उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में काफी दबाव झेला. खासकर साउथ अफ्रीका के खिलाफ एक मैच हारने के बाद टीम पर काफी प्रेशर था. ऐसे समय में इस तरह के बयान देना अपने ही खिलाड़ियों और टीम की उपलब्धि को कमतर दिखाने जैसा है.
गंभीर ने कहा कि भारतीय टीम को अपनी जीत का जश्न अपने तरीके से मनाने का पूरा हक है और इसमें धर्म या राजनीति को नहीं घसीटना चाहिए. कीर्ति आजाद के बयान पर पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने भी नाराजगी जताई और टीम का समर्थन किया था.
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