इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान भुवनेश्वर कुमार की पीठ की चोट बढ़ने के बाद भारतीय टीम के फिजियो पैट्रिक फरहार्ट और ट्रेनर शंकर बासु की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. मेरठ के इस तेज गेंदबाज की पीठ में आईपीएल की शुरुआत से तकलीफ थी और वह ब्रिटेन दौरे के दौरान सीमित ओवरों के सभी मैचों में भी नहीं खेले.
भुवनेश्वर को फिलहाल इंग्लैंड के खिलाफ पहले तीन टेस्ट के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है, क्योंकि बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी हालत का आकलन कर रही है.
टीम चयन की जानकारी रखने वाले बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी हालांकि ‘हैरान’ हैं कि अगर भुवनेश्वर पूरी तरह फिट नहीं थे, तो फिर तीसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में क्यों खेले. भुवनेश्वर की चोट के बारे में पूछने पर अधिकारी ने जवाब दिया, ‘कृपया जाइए और रवि शास्त्री से यह सवाल कीजिए.’
उन्होंने कहा, ‘जैसे ही हमने कहा कि उन्होंने अपनी चोट को बढ़ा लिया है, तो हमने स्वीकार किया कि वह पूरी तरह से फिट नहीं थे. इसलिए अगर वह हमारी टेस्ट मैचों की योजनाओं का अहम हिस्सा हैं तो एकदिवसीय मैच के लिए उसे लेकर जोखिम क्यों उठाया गया.’
सवाल उठाए जा रहे हैं कि फरहार्ट और बासु ने भुवनेश्वर की फिटनेस पर उचित अपडेट दिया या नहीं, अधिकारी ने कहा, ‘अगर आप आईपीएल में देखें, तो भुवी सनराइजर्स के लिए 17 में से पांच मैचों में नहीं खेले. बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजी से उसके काम के बोर्ड के प्रबंधन पर ध्यान देने को कहा था. इसके बाद उसे अफगानिस्तान टेस्ट से भी आराम दिया गया, जिससे कि उसे ब्रिटेन दौरे के लिए उबरने के लिए समय मिले. लेकिन ऐसा लग रहा है कि कुछ गलत हुआ है और यह निराशाजनक है.’
भुवनेश्वर यो-यो टेस्ट पास करने में सफल रहे थे, जो अब टीम में जगह बनाने की मुख्य फिटनेस पात्रता है. अधिकारी ने कहा, ‘ कुछ सवाल हैं जिसका जवाब टीम प्रबंधन को देने की जरूरत है.’
उन्होंने कहा, ‘तीसरे टी-20 और पहले दो वनडे से आराम दिए जाने के बाद भी अगर वह शत प्रतिशत फिट नहीं थे, तो उसे खेलने की स्वीकृति क्यों दी गई.’ अधिकारी ने कहा, ‘दूसरा, क्या तीसरे वनडे से पहले फरहार्ट ने बताया था कि उसे खिलाने से उसकी चोट को लेकर जोखिम रहेगा.’
इंग्लैंड के हालात में भारत को भुवनेश्वर से काफी उम्मीदे हैं, जहां वह 2014 में पिछले दौरे में गेंद और बल्ले दोनों से अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहे थे. भुवनेश्वर ने 21 टेस्ट में 63 विकेट चटकाने के अलावा 552 रन भी बनाए हैं.
विश्व मोहन मिश्र