'ICC लगाएगी बैन...', बांग्लादेश क्रिकेट में अब नया बखेड़ा, सरकार को ही दे डाली चेतावनी

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और सरकार के बीच टकराव बढ़ गया है. खेल मंत्रालय ने चुनाव में गड़बड़ी की जांच के लिए कमेटी बनाई, जिस पर BCB ने 'हस्तक्षेप' का आरोप लगाया. ICC नियमों के चलते बैन का खतरा भी मंडरा रहा है. तमीम इकबाल के आरोपों से विवाद गहराया, जबकि बोर्ड ने जांच समिति खत्म करने की मांग की है.

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BCB vs सरकार! बोर्ड ने दी चेतावनी, ICC बैन का मंडराया खतरा. (Photo: AP) BCB vs सरकार! बोर्ड ने दी चेतावनी, ICC बैन का मंडराया खतरा. (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 17 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:37 PM IST

बांग्लादेश क्रिकेट में इस वक्त बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि बोर्ड के मामलों में हस्तक्षेप से इंटरनेशनल लेवल पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

दरअसल, खेल मंत्रालय ने पिछले साल हुए BCB चुनाव में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है. इस कमेटी को 11 मार्च से 15 कार्यदिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. जांच में 'अनियमितता, हेरफेर और सत्ता के दुरुपयोग' जैसे आरोपों की पड़ताल की जाएगी.

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क्रिकइंफो की र‍िपोर्ट के मुताब‍िक- BCB ने अपने बयान में साफ किया कि इस मामले को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल (ICC) के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा हो चुकी है. बोर्ड का कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए क्रिकेट बोर्ड में सरकारी दखल ICC के नियमों के खिलाफ माना जाता है, जिससे बांग्लादेश पर बैन का खतरा भी पैदा हो सकता है. इससे पहले जिम्बाब्वे और श्रीलंका जैसे देशों पर इसी वजह से कार्रवाई हो चुकी है. ध्यान रहे ICC ने पहले भी सरकारी दखल के लिए जिम्बाब्वे और श्रीलंका समेत कई क्रिकेट बोर्ड को सस्पेंड किया था. 

सरकार से सीधे बातचीत की मांग
BCB ने कहा कि वह शिकायत करने से पहले नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल से सीधे बात करना चाहता है, ताकि गजट के 'इरादे और असर' को समझा जा सके. साथ ही बोर्ड ने जांच कमेटी को पूरी तरह खत्म करने की मांग भी रखी है, ताकि क्रिकेट की स्थिरता बनी रहे.

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तमीम इकबाल के आरोप से भड़का विवाद
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम पर चुनाव प्रक्रिया में दखल देने का आरोप लगाया. तमीम का दावा था कि चुनाव से पहले अमीनुल ने खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर कुछ जिलों के काउंसलर बदलने को कहा. इसके अलावा नामांकन की तारीख दो बार बढ़ाने का भी आरोप लगाया गया. हालांकि, अमीनुल इस्लाम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था.

चुनाव के बाद भी नहीं थमा बवाल
1 अक्टूबर को तमीम इकबाल ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी. 6 अक्टूबर को चुनाव हुए, लेकिन इसके बाद भी विवाद थमा नहीं. ढाका क्लब अधिकारियों और कई अन्य समूहों ने चुनाव में 'इंजीनियरिंग' का आरोप लगाया. नतीजों के कुछ घंटों के भीतर ही खेल मंत्रालय को अपने एक निदेशक उम्मीदवार को वापस लेना पड़ा. उनके राजनीतिक संबंध सोशल मीडिया पर सामने आ गए

ढाका लीग का बहिष्कार
BCB चुनाव के बाद हालात और बिगड़ गए. ढाका के कई क्लब (कैटेगरी-2) ने मौजूदा बोर्ड को 'गैरकानूनी' करार दिया और 2025-26 सीजन की ढाका लीग का बहिष्कार कर दिया.

 

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