मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट के बीच रूस भारत को करीब 95 लाख बैरल कच्चा तेल भेजने को तैयार है. सीमित oil reserve के बीच यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है.