महिला आरक्षण बिल पास न होने के बाद सियासत गरमा गई है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन अहम माना जा रहा है. कयास हैं कि वे इस मुद्दे पर विपक्ष को घेर सकते हैं और अपनी सरकार का पक्ष रखेंगे. संसद में बिल को जरूरी बहुमत न मिलने से राजनीतिक माहौल और तीखा हो गया है, जिससे देशभर में बहस तेज हो गई है