ईरान और अमेरिका के बीच जारी बातचीत के बीच मोजतबा खामेनेई की गैर-मौजूदगी ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरवरी में हुए हवाई हमले के बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं. सोशल मीडिया पर उनके नाम से लगातार पोस्ट हो रहे हैं, लेकिन उनकी मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी चुप्पी ईरान की आंतरिक राजनीति और शांति वार्ता पर असर डाल सकती है.