आकांक्षा चतुर्वेदी ने नीट की परीक्षा दी थी। पेपर लीक होने के कारण परीक्षा दोबारा कराई गई. इस तनाव के बाद उसने एक पत्र लिखा जिसमें उसने अपने तबाह मन की बात कही और बताया कि वह दोबारा नीट परीक्षा नहीं दे सकती. इस पत्र के बाद आकांक्षा ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. यह घटना नीट परीक्षा के दबाव और पेपर लीक की वजह से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को उजागर करती है.