नीतीश कुमार ने अपनी राजनीतिक विरासत की बागडोर अगली पीढ़ी को सौंपने का फैसला किया और राज्यसभा जाने के निर्णय के बाद नीतीश ने अपने बेटे निशांत कुमार को अपना सियासी वारिस चुना. निशांत ने जेडीयू की सदस्यता भी ग्रहण कर ली है और जल्द ही बिहार के डिप्टीसीएम के तौर पर उनकी ताजपोशी भी हो जाएगी.