भारत का पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण जहाज 'समुद्र प्रताप' कमीशन, पहली बार दो महिला अधिकारी तैनात

भारतीय तटरक्षक बल ने स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण जहाज 'समुद्र प्रताप' को कमीशन किया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गोवा में इसे सेवा में शामिल किया. 114 मीटर लंबा यह जहाज तेल रिसाव नियंत्रण और समुद्री सुरक्षा के लिए बना है. पहली बार दो महिला अधिकारी जहाज पर ड्यूटी करेंगी.

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ये है इंडियन कोस्ट गार्ड का जहाज समुद्र प्रताप. (Photo: ICG/Facebook) ये है इंडियन कोस्ट गार्ड का जहाज समुद्र प्रताप. (Photo: ICG/Facebook)

शिवानी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 05 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:39 AM IST

गोवा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के नए जहाज ICGS समुद्र प्रताप को कमीशन किया. यह भारत का पहला पूरी तरह स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण जहाज (Pollution Control Vessel - PCV) है. समारोह में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, तटरक्षक महानिदेशक परमेश सिवमणि और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

जहाज का नाम और महत्व

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'समुद्र प्रताप' का मतलब है 'समुद्र की महिमा'. यह जहाज समुद्र को सुरक्षित, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखेगा. यह गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) द्वारा बनाए गए दो PCV जहाजों में से पहला है. पूरी डिजाइन, निर्माण और तकनीक भारत में हुई है, जिसमें 60% से ज्यादा हिस्से स्वदेशी हैं.  

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जहाज की खासियतें

  • आकार: लंबाई 114.5 मीटर, चौड़ाई 16.5 मीटर, वजन करीब 4,200 टन.
  • अधिकतम गतिः लगभग 40 किमी/घंटा से ज्यादा.
  • रेंज: लगभग 11,000 किमी तक बिना रुके चल सकता है.
  • इंजन: दो 7500 किलोवाट डीजल इंजन, स्वदेशी कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर (CPP) और गियरबॉक्स.
  • आधुनिक सिस्टम: डायनामिक पोजिशनिंग (DP), इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम (IBS), इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम (IPMS), ऑटोमेटेड पावर मैनेजमेंट सिस्टम (APMS) – ये सब जहाज को पूरी तरह ऑटोमेटिक और कुशल बनाते हैं.

मुख्य काम: समुद्र का प्रदूषण नियंत्रण

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यह जहाज खास तौर पर समुद्र में तेल रिसाव (ऑयल स्पिल) या अन्य प्रदूषण से निपटने के लिए बनाया गया है. इसमें हैं...

  • साइड स्वीपिंग आर्म्स, फ्लोटिंग बूम्स, हाई कैपेसिटी स्किमर्स.
  • पोर्टेबल बार्जेस और प्रदूषण नियंत्रण लैबोरेटरी.
  • एक्सटर्नल फायर फाइटिंग सिस्टम (Fi-Fi Class 1) – दूसरे जहाजों पर आग बुझाने की क्षमता.
  • इसके अलावा हथियार: 30mm CRN-91 गन और दो 12.7mm रिमोट कंट्रोल गन.

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आधार और कमांड

जहाज का आधार कोच्चि होगा. यह पश्चिमी क्षेत्र के कमांडर के अधीन काम करेगा. कमांडिंग ऑफिसर हैं डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल अशोक कुमार भामा. जहाज पर कुल 14 अधिकारी और 115 जवान हैं.

खास बात: पहली बार इस जहाज पर दो महिला अधिकारी नियुक्त की गई हैं. वे पुरुष साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सभी ड्यूटी निभाएंगी. यह तटरक्षक बल में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रतीक है.

क्यों महत्वपूर्ण है यह जहाज?

भारत के पास लंबी समुद्री सीमा है. समुद्र में तेल रिसाव, जहाज दुर्घटनाएं या अन्य प्रदूषण से पर्यावरण को बड़ा नुकसान होता है. 'समुद्र प्रताप' जैसे जहाज प्रदूषण रोकने, आग बुझाने, निगरानी और सर्च-रेस्क्यू में मदद करेंगे. यह भारत की जहाज निर्माण क्षमता का प्रमाण है. भविष्य में स्वच्छ व सुरक्षित समुद्र की गारंटी देता है.

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