वास्तु शास्त्र में घर की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने और वास्तु दोष कम करने के लिए कई उपाय बताए जाते हैं. इन्हीं में से एक उपाय क्रिस्टल पिरामिड को भी माना जाता है. वास्तु विशेषज्ञ कमल नंदलाल के अनुसार, सही स्थान पर रखा गया शुद्ध क्रिस्टल पिरामिड घर, दुकान या कार्यस्थल के वातावरण को सकारात्मक बनाने में सहायक माना जाता है. मान्यता है कि जिस घर में क्रिस्टल का पिरामिड सही दिशा में रखा जाता है, वहां न तो पैसों का घाटा होता है और करियर-कारोबार में कोई रुकावट आती है.
क्या होता है क्रिस्टल पिरामिड?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, क्रिस्टल पिरामिड प्राकृतिक क्रिस्टल (स्फटिक) से तैयार किया जाता है. इसे साधारण कांच से अलग माना जाता है. कहा जाता है कि प्राकृतिक क्रिस्टल में ऊर्जा को संतुलित करने की क्षमता होती है, इसलिए इसका उपयोग वास्तु और फेंगशुई दोनों में किया जाता है.
वास्तु शास्त्र में क्यों माना जाता है खास?
मान्यता है कि पिरामिड का त्रिकोणीय आकार वातावरण में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को कम करने और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है. इसी वजह से कई लोग इसे घर, ऑफिस और पूजा स्थल में रखते हैं.
किस दिशा में रखना होता है शुभ?
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिस्टल पिरामिड को घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पूजा स्थल में रखना शुभ माना जाता है. माना जाता है कि इससे घर का वातावरण शांत और संतुलित बना रहता है.
कब और कैसे देगा लाभ?
घर में मौजूद वास्तु दोष के प्रभाव को कम करने के लिए इसका उपयोग बहुत लाभकारी है. यह घर और कार्यालय में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखता है. कार्यस्थल पर एकाग्रता और कार्यक्षमता बढ़ाने का काम करता है. दांपत्य जीवन में तनाव कम करने के उद्देश्य से इसे बेडरूम में भी रखा जा सकता है. बच्चों के स्टडी रूम में सकारात्मकता और एकाग्रता को बढ़ाने के लिए इसे रखना शुभ होता है.
फेंगशुई में भी बताया गया महत्व
चीनी फेंगशुई परंपरा में भी क्रिस्टल पिरामिड को शुभ माना जाता है. मान्यता है कि यह आस-पास की ऊर्जा को संतुलित करने और वातावरण में सकारात्मकता को बनाए रखने में कारगर है. मान्यता है कि घर की उत्तर दिशा में रखने से धन का फ्लो भी अच्छा रखता है. पैसों की आवक बेहतर रहती है. खर्च और आय में बढ़िया संतुलन भी स्थापित होता है.
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