Shul Yog 2026: 14 जून को बनेगा खतरनाक शूल योग, अगले 20 घंटे इन 4 राशियों पर टूटेगा दुखों का पहाड़!

Shul Yog 2026: द्रिक पंचांग के अनुसार 14 जून की दोपहर से बेहद अशुभ शूल योग शुरू होने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 15 जून की सुबह तक रहने वाले इस योग के कारण कुछ राशियों को धन, सेहत और करियर में भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है. जानें उपाय.

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शूल योग 2026 (Photo: Getty Images) शूल योग 2026 (Photo: Getty Images)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:00 PM IST

Shul Yog 2026: द्रिक पंचांग के अनुसार, 14 जून 2026 को बनने जा रहा शूल योग ज्योतिष शास्त्र में एक अशुभ और कष्टकारी योग माना जाता है. जैसा कि इसके नाम शूल (यानी कांटा या त्रिशूल की नोक) से स्पष्ट है. इस अवधि में किए गए कार्यों में बाधाएं, मानसिक तनाव और शारीरिक कष्ट मिलने की आशंका रहती है. यह योग 14 जून को दोपहर 01 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 15 जून की सुबह 08 बजकर 56 मिनट तक रहेगा. इस दौरान ग्रहों की स्थिति और गोचर के अनुसार विशेष रूप से 4 राशियों को अत्यधिक सावधान रहने की आवश्यकता है. 

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मिथुन राशि (Gemini): मानसिक तनाव और वाद-विवाद

इस योग के प्रभाव से आपके स्वभाव में अप्रत्याशित आक्रामकता या चिड़चिड़ापन आ सकता है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों या घर में करीबियों के साथ बहसबाजी से बचें. इस दौरान कोई भी नया निवेश या बड़ा वित्तीय निर्णय न लें. वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें.

धनु राशि (Sagittarius): सेहत और आर्थिक नुकसान

शूल योग के दौरान आपके स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है, विशेषकर पेट या सिरदर्द से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. खर्चों में अचानक बढ़ोतरी होने से बजट बिगड़ सकता है. खान-पान का खास ख्याल रखें. किसी को भी इस अवधि में पैसा उधार देने से बचें, अन्यथा वह पैसा फंस सकता है.

कन्या राशि (Virgo): कार्यों में बाधा और साझेदारी में तनाव

आप जिस काम को पूरा होने के करीब समझेंगे, उसमें आखिरी वक्त पर कोई रुकावट आ सकती है. बिजनेस पार्टनर या जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद गहरे हो सकते हैं. वाणी पर नियंत्रण रखें और कड़वे शब्दों का प्रयोग करने से बचें. धैर्य से काम लें, जल्दबाजी में किया गया कोई भी फैसला नुकसानदेह साबित होगा.

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मकर राशि (Capricorn): दुर्घटना का भय और गुप्त शत्रु

शूल योग की इस अवधि में आपको अपने विरोधियों या गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है, वे आपकी छवि बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं. शारीरिक चोट या दुर्घटना की भी आशंका बनी रहेगी. यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें. अनजान लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और अपने कार्यक्षेत्र की बातें गोपनीय रखें.

शूल योग के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय

भगवान शिव की आराधना: शूल का संबंध भगवान शिव के त्रिशूल से भी जोड़ा जाता है. इस दौरान "ऊं नमः शिवाय" मंत्र का मानसिक जाप करें. शिव चालीसा का पाठ करना अत्यंत शुभ रहेगा.

हनुमान चालीसा का पाठ: संकटों से मुक्ति के लिए इस अवधि में हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें.

शांति बनाए रखें: किसी भी तरह के बड़े निर्णय, शुभ कार्य की शुरुआत या लंबी दूरी की यात्रा को 15 जून की सुबह 08:56 बजे तक के लिए टाल देना ही समझदारी होगी.

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