उत्तराखंड में इस वर्ष बद्रीनाथ धाम की यात्रा अपने चरम पर है. कपाट खुलने के मात्र एक महीने के भीतर ही 5.56 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर लिए हैं, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. धाम में भक्तों की भारी भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते दो दिनों में ही 60 हजार से ज्यादा यात्रियों ने बद्रीनाथ पहुंचकर भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किए. शुक्रवार को 33 हजार और शनिवार को 32 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड आवक दर्ज की गई.
बताते चलें कि इससे पहले वर्ष 2019 में एक महीने के अंदर सर्वाधिक 5.50 लाख तीर्थयात्रियों के पहुंचने का रिकॉर्ड था, जो करीब 6 साल बाद अब टूट चुका है. वहीं वर्ष 2023 में एक महीने में 4.50 लाख यात्री बद्रीनाथ पहुंचे थे. इस बार की यात्रा ने पिछले सभी वर्षों के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है. भगवान बद्रीनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और भक्ति का यह अद्भुत उदाहरण है.
वहीं एसडीआरएफ के कमांडिंग ऑफिसर अपर्ण कुमार यदुवंशी यात्रा के एक महीने होने पर बद्रीनाथ धाम निरीक्षण के लिए पहुंचे. उन्होंने यहां यात्रा व्यवस्थाओं सहित बुजुर्ग, बीमार और बच्चों के लिए सुव्यवस्थित दर्शन के निर्देश दिए हैं. एसडीआरएफ की टीम यहां पर लगातार मौजूद है, जो यात्रियों की मददगार बन रही है.
वहीं, बद्रीनाथ धाम में ऑस्ट्रेलिया से अपनी दो बेटियों के साथ भगवान श्री बद्री विशाल के दर्शन के लिए यहां 70 वर्षीय एक श्रद्धालु आई हैं. उन्हें चलने-फिरने में थोड़ी समस्या थी तो SDRF कार्मिकों द्वारा तत्काल उनके पास पहुंचकर उनकी मदद की गई. इस पर उनकी बेटियों ने बताया गया कि वे ऑस्ट्रेलिया से विशेष रूप से श्री बद्री विशाल के दर्शन के लिए यहां आए हैं. लेकिन उनकी मां चलने में असमर्थ हैं और दर्शन नहीं कर पा रही हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF टीम ने श्रद्धालु महिला को सुरक्षित रूप से मंदिर दर्शन कराए गए.
कमल नयन सिलोड़ी