कोटा में खतरनाक हुआ आई फ्लू, आंखों में दर्द और धुंधलेपन से बढ़ी लोगों की परेशानी, 4 दिन नहीं, अब ठीक होने में लग रहा एक महीना

कोटा में तेजी से फैल रहा आई फ्लू लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. डॉक्टरों के मुताबिक इस बार वायरल कंजक्टिवाइटिस के साथ बैक्टीरियल इन्फेक्शन जुड़ने से संक्रमण ज्यादा खतरनाक हो गया है. मरीजों में आंखों में दर्द, सूजन, जलन और धुंधलेपन की शिकायत बढ़ रही है. कई मरीजों को ठीक होने में 15 दिन से एक महीने तक लग रहा है.

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कोटा में तेजी से फैल रहा आई फ्लू. (Photo: Screengrab) कोटा में तेजी से फैल रहा आई फ्लू. (Photo: Screengrab)

चेतन गुर्जर

  • कोटा,
  • 08 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:07 PM IST

राजस्थान के कोटा शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों आई फ्लू का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी क्लीनिकों तक आंखों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. डॉक्टरों का कहना है कि इस बार का संक्रमण पहले की तुलना में ज्यादा गंभीर और लंबे समय तक असर करने वाला है. मरीज आंखों में लालिमा, सूजन, जलन, खुजली और दर्द जैसी समस्याओं से परेशान हैं. इसके साथ ही आंखों से लगातार पानी आने और आंखें चिपकने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं. कई मरीजों ने धुंधला दिखाई देने की समस्या भी बताई है. संक्रमण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक तेजी से फैल रहा है.

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डॉक्टरों के अनुसार इस बार वायरल कंजक्टिवाइटिस के साथ बैक्टीरियल इन्फेक्शन भी जुड़ रहा है. यही वजह है कि बीमारी का स्ट्रेन बदल गया है और मरीजों को जल्दी राहत नहीं मिल रही. जहां पहले आई फ्लू के मरीज 4 से 5 दिन में ठीक हो जाते थे, वहीं अब कई मरीजों को रिकवर होने में 15 दिन से लेकर एक महीने तक का समय लग रहा है.

4 दिन नहीं, अब ठीक होने में लग रहा एक महीना

विशेषज्ञों का कहना है कि कई मरीजों में दवाइयों के बावजूद आंखों की सूजन और लालिमा लंबे समय तक बनी हुई है. अस्पतालों में रोज बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई है. डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. उनका कहना है कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह बीमारी तेजी से फैल रही है. ऐसे में लोगों को आंखों को बार-बार हाथ लगाने से बचना चाहिए. साथ ही संक्रमित व्यक्ति के तौलिया, रूमाल या अन्य निजी सामान का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

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डॉक्टरों की सलाह, लापरवाही पड़ सकती है भारी

डॉक्टरों के मुताबिक स्कूलों और दफ्तरों में भी संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं. भीड़भाड़ वाले इलाकों में संक्रमण तेजी से फैल सकता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आई फ्लू को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है. आंखों में ज्यादा दर्द, सूजन, रोशनी से परेशानी या धुंधलापन महसूस होने पर तुरंत विशेषज्ञ से जांच करवानी चाहिए. लापरवाही बरतने पर संक्रमण आंखों की रोशनी पर भी असर डाल सकता है. फिलहाल कोटा में तेजी से बढ़ते आई फ्लू के मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज और सावधानी ही इस संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है.
 

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