राजस्थान के जैसलमेर में नगर परिषद के म्युनिसिपल डंपिंग यार्ड से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां खुले में 100 से ज्यादा सड़ी-गली मवेशियों की लाशें मिलीं, जिनमें कई गाय और बैल भी शामिल थे. भीषण गर्मी के बीच फैली बदबू से आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया.
जानकारी के मुताबिक, नगर परिषद के डंपिंग यार्ड में करीब एक किलोमीटर के दायरे में ये लाशें फैली हुई थीं. आरोप है कि कई दिनों से इन मरे हुए जानवरों को बिना किसी देखरेख के खुले में छोड़ दिया गया था. गर्मियों की तेज गर्मी में सड़ती लाशों से उठ रही बदबू के कारण आसपास रहने वाले लोग परेशान हो गए.
इसके बाद प्रशासन से शिकायत की गई. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद प्रशासन हरकत में आया. म्युनिसिपल कमिश्नर लाजपाल सिंह सोढ़ा ने बताया कि इस पूरे मामले में ठेकेदार गोपाराम की गंभीर लापरवाही सामने आई है. इसके बाद उसका ठेका तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया है.
म्युनिसिपल कमिश्नर ने बताया कि नगर परिषद की ओर से ठेकेदार को मरे हुए जानवरों को ठिकाने लगाने के लिए डंपिंग यार्ड में जगह उपलब्ध कराई गई थी. आम तौर पर शहर से इकट्ठा किए गए मृत जानवरों को गड्ढों में दफनाने से पहले एक-दो दिन तक सुखाया जाता है, लेकिन ठेकेदार ने लापरवाही बरती.
उनके मुताबिक, ठेकेदार ने करीब 15 से 20 दिनों तक लाशों को एक बड़े इलाके में जमा होने दिया. इससे स्थिति बेहद खराब हो गई और पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई. स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद रविवार को प्रशासनिक टीम ने मौके का मुआयना किया. जांच में सामने आया कि 100 से ज्यादा मरे हुए जानवर खुले में पड़े सड़ रहे थे.
इसके बाद ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया. नगर परिषद के संसाधनों का इस्तेमाल कर तत्काल लाशों को हटाने और ठिकाने लगाने का काम शुरू किया गया. सोमवार को नगर परिषद ने आधिकारिक तौर पर ठेका रद्द कर दिया. प्रशासन ने डंपिंग यार्ड में गहरे गड्ढे खुदवाए और सभी लाशों को दफना दिया गया.
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