राजस्थान में जैसलमेर की कचरा डंपिंग साइट पर रविवार को करीब पांच सौ से ज्यादा की संख्या में गायों के सड़ी हुए शव मिलने के वीडियो सामने आया था जिससे हड़कंप मच गया. डंपिंग यार्ड में नगरपरिषद के मृत पशुओं के अधिकृत हड्डी ठेकेदार द्वारा इन मरी हुई गायों के शवों के निस्तारण न करने से आमजन में नाराजगी का माहौल फैल गया.
अब मामले की गंभीरता व मीडिया में इसे उठाए जाने के बाद नगर परिषद जैसलमेर के आयुक्त लजपाल सिंह सोढा ने तुरंत संज्ञान लिया. जन आक्रोश को देखते हुए आयुक्त के निर्देश पर नगर परिषद् की टीम ने तुरंत मौके पर जेसीबी (JCB) भेजकर खुले में पड़े शवों को गड्ढे खुदवाकर ससम्मान दफनाने की कार्यवाही शुरू कर दी है.
उन्होंने मृत पशु उठाने और हड्डी-चमड़ा निस्तारण का ठेका लेने वाले ठेकेदार को कड़ी चेतावनी के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया है. प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर ठेका निरस्त कर धरोहर राशि जब्त कर ली जाएगी.
वहीं, नगर परिषद् की जन स्वास्थ्य शाखा और स्वच्छता निरीक्षक की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. आयुक्त के निर्देश पर डम्पिंग यार्ड में तुरंत जेसीबी (JCB) मशीनें लगवाई गईं. जेसीबी के माध्यम से बड़े और गहरे गड्ढे खुदवाकर खुले में पड़े सभी गौवंश व अन्य मृत पशुओं के शवों को मिट्टी डलवाकर ससम्मान दफनाया गया, जिससे क्षेत्र में फैल रही बदबू और दूषित वातावरण से लोगों को राहत मिल सके.
बता दें कि जैसलमेर जिला मुख्यालय से करीब 7 किमी दूर रामगढ़ मार्ग पर नगरपरिषद का एक डंपिंग यार्ड बना हुआ है. बीते शनिवार को कुछ गो प्रेमी उस तरफ गए तो वहां का चौकाने वाला नजारा देख कर वे विचलित हो गए. उस क्षेत्र में करीब 500 से ज्यादा मृत गायों के शव चारों ओर बिखरे हुए पड़े थे. आज जब मृत गायों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो आमजन व गो प्रेमियों में नाराजगी का माहौल व्याप्त हो गया था.
विमल भाटिया