'बेइज्जती करके इज्जत देने का बहुत शुक्रिया', डिग्री लेते हुए राजस्थान के डिप्टी CM के सामने छात्रा का तंज

जयपुर की हरिदेव जोशी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में डिग्री वितरण को लेकर विवाद हो गया. सीमित छात्रों को ही मंच पर बुलाए जाने से नाराज छात्रों ने विरोध किया और कार्यक्रम के दौरान हंगामा हुआ. इसी बीच एक छात्रा ने मंच से “बेइज्जती करके इज्जत देने का शुक्रिया” कहकर प्रशासन पर तंज कस दिया, जिसका वीडियो वायरल हो गया.

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हरिदेव जोशी यूनिवर्सिटी में छात्रा के बयान से मचा बवाल (Photo: ITG) हरिदेव जोशी यूनिवर्सिटी में छात्रा के बयान से मचा बवाल (Photo: ITG)

विशाल शर्मा

  • जयपुर,
  • 26 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 3:09 PM IST

राजस्थान की राजधानी जयपुर में हरिदेव जोशी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में उस वक्त असहज स्थिति बन गई, जब एक छात्रा ने मंच पर ही उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा से डिग्री लेते हुए तंज कस दिया. छात्रा ने भरे मंच से कहा, “बेइज्जती करके इज्जत देने का बहुत-बहुत शुक्रिया.” हालांकि यह टिप्पणी डिप्टी सीएम के लिए नहीं, बल्कि मंच पर मौजूद कुलगुरु के सामने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर कटाक्ष के तौर पर की गई थी. इस बयान ने समारोह में मौजूद सभी लोगों को चौंका दिया और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

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दरअसल, बुधवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह के दौरान पहले से ही माहौल तनावपूर्ण हो गया था. कार्यक्रम में केवल 12 गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों को मंच पर बुलाकर डिग्री दी गई, जबकि बाकी छात्र-छात्राओं को मंच पर अवसर नहीं दिया गया. इससे नाराज छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया. हंगामा बढ़ने पर कुछ छात्रों ने कार्यक्रम स्थल पर ही कागजात फाड़ दिए और नारेबाजी की. स्थिति तब और बिगड़ गई, जब कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के बाहर निकलते समय कई छात्र उनकी गाड़ी के आगे लेट गए.

हंगामा बढ़ते ही पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और तुरंत छात्रों को पकड़ लिया. हालात को संभालने के लिए खुद उपमुख्यमंत्री को दोबारा सभागार में लौटना पड़ा. इसके बाद बाकी छात्रों को भी डिग्री वितरित की गई और प्रशासन ने छात्रों से बातचीत कर मामला शांत कराने की कोशिश की. इसी दौरान जब डिग्री वितरण दोबारा शुरू हुआ, तो छात्रा सारा इस्माइल ने मंच से ही यूनिवर्सिटी प्रशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी का “बेइज्जती करके इज्जत देने का बहुत-बहुत शुक्रिया.”

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उपमुख्यमंत्री और कुलपति के सामने दिए गए इस बयान ने पूरे समारोह को चर्चा का विषय बना दिया. बता दें कि छात्रा सारा इसी यूनिवर्सिटी से छात्रसंघ चुनाव जीतकर उपाध्यक्ष भी रह चुकी है.

घटना को लेकर छात्रा सारा इस्माइल का कहना है कि वे दीक्षांत समारोह में सम्मानपूर्वक डिग्री मिलने की उम्मीद लेकर आई थीं, लेकिन सीमित छात्रों को ही मंच पर बुलाए जाने से उन्हें अपमानित महसूस हुआ. इतना ही नहीं, स्टूडेंट्स के साथ उनके परिजन भी मौजूद थे, जो अपने बच्चों को डिग्री लेते हुए देखना चाहते थे. जब उन्हें भी निराशा हाथ लगी, तो यही नाराजगी बाद में प्रदर्शन और तीखी प्रतिक्रिया के रूप में सामने आई.

छात्रा का कहना है कि बाद में डिग्रियां ऐसे बांटी गईं, जैसे कोई खैरात दी जा रही हो, जबकि इसके लिए उन्होंने तीन साल मेहनत की थी.

वहीं यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रतन सिंह शेखावत ने बताया कि घटना बेहद निंदनीय है. छात्रों को ऐसा नहीं करना चाहिए था. जो भी कार्यक्रम रखा गया, वो प्रोटोकॉल के हिसाब से था. यदि कुछ छात्रों को आपत्ति थी तो उन्हें यूनिवर्सिटी प्रशासन से बात करनी चाहिए थी, ऐसे माननीयों के सामने बर्ताव करना गलत है.

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