जयपुर: स्टूटेंड सुसाइड केस में स्कूल मालिक, प्रिंसिपल और टीचर को बनाया गया आरोपी

नवंबर 2025 में राजस्थान के जयपुर में नौ साल की क्लास 4 की स्टूडेंट अमायरा की अपने स्कूल की बिल्डिंग की चौथी मंज़िल से कूदने के बाद मौत हो गई थी, जिसके बाद बुलीइंग और एडमिनिस्ट्रेटिव लापरवाही के आरोप लगे थे.

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जयपुर के स्कूल में बुलीइंग का शिकार होने के बाद छात्रा ने सुसाइड कर लिया था. (Photo: ITG) जयपुर के स्कूल में बुलीइंग का शिकार होने के बाद छात्रा ने सुसाइड कर लिया था. (Photo: ITG)

देव अंकुर

  • जयपुर,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:33 AM IST

जयपुर पुलिस ने नवंबर 2025 में नौ साल की स्टूडेंट के सुसाइड केस में फाइल की गई चार्जशीट में नीरजा मोदी स्कूल के मालिक और प्रिंसिपल को आरोपी बनाया है. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी है.

क्लास 4 की स्टूडेंट अमायरा की मौत के मामले में मालिक सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इंदु दुबे और क्लास टीचर पूनीता शर्मा पर केस दर्ज किया गया है. अमायरा पिछले साल 1 नवंबर को स्कूल बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूद गई थी.

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घटना के करीब चार महीने बाद फाइल की गई चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के सेक्शन 106 और 238 के प्रोविज़न का इस्तेमाल किया गया है. इसमें स्कूल कैंपस में एक नाबालिग की मौत से जुड़ी कथित क्रिमिनल लापरवाही और उससे जुड़े अपराधों की ओर इशारा किया गया है.

CCTV फुटेज में क्या दिखा था?

पुलिस ने कहा कि जयपुर के संस्थान में एडमिशन लेने वाली स्टूडेंट से जुड़े मामले में तीनों आरोपियों को ज़िम्मेदार ठहराया गया है. यह एक्शन इंडिया टुडे टीवी की उस बड़ी रिपोर्टिंग के बाद हुआ, जिसमें स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन की कथित कमियों को हाईलाइट किया गया था.

इस मामले ने तब देश का ध्यान खींचा, जब अमायरा के माता-पिता ने आरोप लगाया कि स्कूल अधिकारियों की लगातार बुलीइंग और कोई कार्रवाई न करने की वजह से उनकी बेटी ने यह खतरनाक कदम उठाया. पुलिस को मिले CCTV फुटेज में लड़की रेलिंग फांदकर करीब 48 फीट नीचे गिरती हुई दिख रही है. घटना के बाद उसे पास के हॉस्पिटल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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जब पुलिस स्कूल पहुंची, तो उन्होंने कथित तौर पर पाया कि जिस जगह लड़की गिरी थी, उसे साफ़ कर दिया गया था और वहां खून के कोई धब्बे नहीं थे. अधिकारियों ने कहा कि बाद में फॉरेंसिक टीमों ने दीवारों और फ़र्श से खून के ट्रेस सैंपल उठाए.

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जांच में क्या पता चला?

सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की जांच में पाया गया है कि क्लास 4 की स्टूडेंट को अपनी मौत से करीब 18 महीने पहले अपनी क्लास में लगातार बुलीइंग का सामना करना पड़ा था. नतीजों के मुताबिक, क्लासमेट्स ने बार-बार उसके खिलाफ 'बुरे शब्दों' का इस्तेमाल किया, जबकि स्कूल ने कथित तौर पर बीच-बचाव नहीं किया. रिपोर्ट में बताया गया है कि इस दौरान बच्ची ने मदद के लिए कई बार अपनी क्लास टीचर से संपर्क किया, लेकिन कहा जाता है कि उसे निकाल दिया गया, डांटा गया और क्लासमेट्स के साथ 'एडजस्ट' करने को कहा गया.

घटना वाले दिन भी, स्टूडेंट ने कथित तौर पर टीचर से 45 मिनट से ज़्यादा वक्त तक गुहार लगाई, लेकिन उसे कोई मदद नहीं मिली. CBSE की जांच में दर्ज किया गया कि क्लास टीचर पूनीता शर्मा ने माना कि स्टूडेंट ने एक क्लासमेट के गलत भाषा का इस्तेमाल करने की शिकायत की थी.

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