एक तरफ वाइब्रेंट गुजरात जैसे कार्यक्रमों के जरिये गुजरात को इकोनॉमिक पावर के तौर पर पेश किया जा रहा है. उसी गुजरात के पाटण जिले से एक ऐसी खबर आई है. जो सोचने के लिए मजबूर कर देगी कि क्या 21वीं सदी में भी दलितों को बराबरी के अधिकार नहीं मिल पाए हैं क्योंकि यहां बारात लेकर जा रहे एक दलित युवा को घोड़ी से उतारकर पीटा गया है.