मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला मामले में अब कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है. मुस्लिम पक्ष की ओर से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें भोजशाला परिसर को देवी सरस्वती यानी वाग्देवी का मंदिर माना गया था और मुस्लिम समुदाय की जुमे की नमाज की अनुमति रद्द कर दी गई थी. काजी मोइजुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है. इस मामले में इंतजामिया कमेटी कमाल मौला मस्जिद और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी पहले से पक्षकार रहे हैं.