ममता बनर्जी की नॉन-वेज पॉलिटिक्स में बीजेपी कैसे फंसती चली गई?

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने मांस-मछली को भी चुनावी मुद्दा बना दिया है. पहले तो बीजेपी नेता बार बार सफाई देते फिर रहे थे. एक उम्मीदवार तो मछली लेकर चुनाव प्रचार ही करने लगा - और अब एक बीजेपी नेता का कहना है कि बीजेपी के सत्ता में आने पर कोई मांसाहारी ही मुख्यमंत्री बनेगा.

Advertisement
बीजेपी उम्मीदवार शारद्वत मुखर्जी हाथ में मछली लेकर चुनाव प्रचार करते हुए. (Photo: Social Media) बीजेपी उम्मीदवार शारद्वत मुखर्जी हाथ में मछली लेकर चुनाव प्रचार करते हुए. (Photo: Social Media)

मृगांक शेखर

  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:39 PM IST

बीजेपी को पश्चिम बंगाल में मांसाहार के मुद्दे पर बचाव की मुद्रा में आना पड़ा है. हालत यह हो गई है कि बीजेपी का उम्मीदवार हाथों में मछली लिए हुए घूम घूम कर वोट मांगता फिर रहा है - और नतीजा यह हुआ है कि बीजेपी नेता बोल रहे हैं कि बीजेपी के सत्ता में आने पर कोई मांसाहारी ही मुख्यमंत्री बनेगा. 

Advertisement

मीट का मुद्दा बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है. बीजेपी का बड़ा समर्थक उत्तर भारत में है, जो शाकाहार का समर्थक है. अगर मांसाहारी है, तो भी मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को बचने की कोशिश करता है. नवरात्र और सावन में घोर वेजीटेरियन की तरह मांस-मछली से दूरी बनाकर चलता है. 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद में भी शाकाहार को ही तरजीह दी जाती है. और, बीजेपी भी घोषित तौर पर बिल्कुल ऐसा ही करती है. लेकिन, गोवा और नॉर्थ ईस्ट पहुंचते ही आंख मूंद लेने की कोशिश होती है - और अब बंगाल के चुनावी माहौल में भी बीजेपी को डिफेंसिव होना पड़ा है. 

'मांसाहारी' ही होगा बीजेपी का मुख्यमंत्री!

बंगाल में मांस-मछली पर बहस बिहार सरकार के एक आदेश के बाद शुरू हुई. असल में, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने मांस और मछली की खुले में बिक्री पर पाबंदी का आदेश जारी करा दिया था. मकसद था, सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना, साफ-सफाई बनाए रखना और बच्चों में हिंसक प्रवृत्तियों को रोकना. यह आदेश शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों और भीड़ भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों के लिए था. 

Advertisement

बिहार सरकार के आदेश को तृणमूल कांग्रेस नेताओं और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लपक लिया, और चुनाव के बीच बीजेपी पर सीधा हमला बोल दिया. बिहार और पश्चिम बंगाल दोनों जगह बीजेपी नेताओं की तरफ से सफाई दी गई, लेकिन ममता बनर्जी के तूफानी कैंपेन के आगे कोई कुछ और सुनने को तैयार ही नहीं था.

बीजेपी को घिरते देखकर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने मोर्चा संभाला है. सुकांत मजूमदार का कहना है कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से जो भी अगला मुख्यमंत्री बनेगा, वह खाने-पीने की आदतों के मामले में मांसाहारी होगा.

ममता बनर्जी अपनी रैलियों में बीजेपी के सत्ता में आने पर खाने पीने की चीजों पर पाबंदी की आशंका जता रही हैं. चुनाव कैंपेन के दौरान हाल ही में ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों से कहा कि बीजेपी पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है, तो वह मछली, मांस और अंडे खाने पर बैन लगा देगी. 

बीरभूम में रैली में ममता बनर्जी कह रही थीं, ये लोग (बीजेपी वाले) आपको मछली नहीं खाने देंगे... आप अंडा, मीट कुछ नहीं खा पाएंगे, और न ही बांग्ला बोल पाएंगे... अगर आपने ऐसा किया तो ये लोग आपको बांग्लादेशी घोषित कर देंगे.

ममता बनर्जी के हमलों को न्यूट्रलाइज करने की कोशिश में सुकांत मजूमदार ने कहा है, देखिए, ममता बनर्जी ऐसी छोटी-छोटी बातें इसलिए कर रही हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि वह आने वाले चुनाव हारने वाली हैं... वह डर और निराशा की वजह से ऐसा कर रही हैं... बंगाल में ज्यादातर लोग मांसाहारी खाना खाते हैं, और भारतीय जनता पार्टी के नेता भी मांसाहारी खाना खाते हैं.

Advertisement

और फिर अपनी मिसाल देते हुए सुकांत मजूमदार कहते हैं, 'आज भी हमने मांसाहारी खाना खाया है.'

बिहार और बंगाल में बीजेपी का अलग स्टैंड

2024 के लोकसभा चुनाव कैंपेन के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक वीडियो शेयर किया था. वीडियो में तेजस्वी यादव वीआईपी नेता मुकेश सहनी के साथ हेलीकॉप्टर में मछली के साथ रोटी खाते हुए नजर आए थे. वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी नेताओं ने तेजस्वी यादव के खिलाफ धावा बोल दिया था. 

बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का कहना था, ये लोग सनातनी बनना चाहते हैं, लेकिन संस्कार नहीं सीख पाए... सावन में मटन खाते हैं, और नवरात्र में मछली. वोट के लिए इतने गिर गए हैं ये लोग... धर्म, संस्कार को लज्जित करते हैं... ये लोग धर्म का अपमान करते हैं.

बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा था, तेजस्वी जी सीजनल सनातनी हैं... तुष्टिकरण के पोषक हैं... जब इनकी सरकार थी तो वोट की खातिर इनके पिताजी ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को अवैध तरीके से बसाया... ये वोट के सौदागर हैं, न कि सनातनी पुजारी हैं.

लेकिन उसी बीजेपी के नेता पश्चिम बंगाल चुनाव में बिल्कुल अलग लाइन ले लेते हैं. बंगाल के विधान नगर से बीजेपी उम्मीदवार शारद्वत मुखर्जी चुनाव प्रचार के लिए हाथों में मछली लेकर निकल पड़े. 5 किलो की मछली लेकर शारद्वत मुखर्जी घर घर घूम कर वोट मांग रहे थे. 

Advertisement

बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, दक्षिण कोलकाता की रासबिहारी सीट से उम्मीदवार स्वप्न दासगुप्ता और शिबपुर के कैंडिडेट एक्टर रुद्रनील घोष भी ऑन स्क्रीन लंच में मछली खाते देखे गए हैं. बीजेपी अपनी तरह से बंगाल के लोगों को समझाने की कोशिश कर रही है कि वह न तो बंगाली पहचान के खिलाफ है, न ही लोगों के मछली, मांस या अंडे खाने के. 

मांस चलेगा, गोमांस नहीं बिकेगा

चार साल पहले की बात है, जब डायरेक्टर लीना मणिमेकलई की डॉक्यूमेंट्री फिल्म काली का पोस्टर आया था. पोस्टर में देवी काली को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया था, जिसका काफी विरोध और बवाल हुआ. तब टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का एक बयान आग में घी जैसा असर दिखाया था. 

इंडिया टुडे के कार्यक्रम में जिक्र आने पर महुआ मोइत्रा ने कहा था कि मां काली को वो मांस खाने और शराब पीने वाली देवी के रूप में देखती हैं. बोलीं, यह किसी व्यक्ति के नजरिए पर निर्भर करता है कि वो अपने भगवान को कैसे देखता है. सिक्‍किम और भूटान का जिक्र करते हुए महुआ मोइत्रा ने कहा था कि वहां लोग देवी-देवताओं को शराब आदि चढ़ाते हैं, जबकि यूपी जैसे राज्‍यों में आप प्रसाद के तौर पर शराब देने की बात कहें तो वह ईशनिंदा माना जाएगा. महुआ मोइत्रा ने बताया, तारापीठ के आसपास आपको तमाम साधु स्‍मोक करते हुए दिखेंगे... वे देवी काली को उसी तरह देखते और पूजा करते हैं.

Advertisement

जब 'कैश फॉर क्वेरी' केस में तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा की लोकसभा की सदस्यता रद्द हो गई है, तो बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने 'मां काली का अभिशाप' बताया था.

1. मांस-मछली विवाद के बीच ही पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने 15 दिनों के लिए परिवर्तन यात्रा निकाली थी. टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी कार्यकर्ताओं से अपने अपने इलाके में परिवर्तन यात्रा पर निकले बीजेपी नेताओं का विशेष रूप से स्वागत करने को कहा था. अभिषेक बनर्जी ने टीएमसी कार्यकर्ताओं से कहा था कि जब बीजेपी की परिवर्तन यात्रा उनके इलाके में जाए तो चाय और अंडे के साथ उनका स्वागत करें. 

2. सुकांत मजूमदार के कैबिनेट साथी बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने अपने तरीके से बीजेपी का बचाव किया है, टीएमसी नेता कान खोलकर सुन लें, भाजपा आ रही है... भाजपा आएगी, अंडा, मांस, मछली भी वहां मिलेगा, लेकिन गाय को काटने पर प्रतिबंध होगा... गोमांस नहीं बिकेगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement