कांग्रेस की कमजोर कड़ी रहा है पंजाब, राहुल गांधी ने 2027 चुनाव से पहले मुसीबत मोल ली है?

2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी के बयान को बीजेपी ने सिखों के अपमान से जोड़ दिया है. राहुल गांधी ने संसद परिसर में रवनीत सिंह बिट्टू को 'गद्दार' दोस्त कह दिया था - तभी से बीजेपी के सिख नेता एक स्वर में पंजाब और सिखों के प्रति कांग्रेस का इतिहास याद दिलाने लगे हैं.

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रवनीत सिंह बिट्टू को 'गद्दार' कहने पर बीजेपी ने राहुल गांधी को घेर लिया है, और कांग्रेस नेता बचाव में कूद पड़े हैं. (Photo: PTI) रवनीत सिंह बिट्टू को 'गद्दार' कहने पर बीजेपी ने राहुल गांधी को घेर लिया है, और कांग्रेस नेता बचाव में कूद पड़े हैं. (Photo: PTI)

मृगांक शेखर

  • नई दिल्ली,
  • 05 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:59 PM IST

रवनीत सिंह बिट्टू पर राहुल गांधी के बयान का पंजाब कांग्रेस के नेता हर तरह से बचाव कर रहे हैं. बीजेपी ने कांग्रेस नेता की बात को सिखों के अपमान से जोड़ दिया है, और राहुल गांधी को घेरने के लिए सिख नेताओं को आगे कर दिया गया है - और, ये सब ऐसे वक्त हो रहा है, जब अगले ही साल पंजाब विधानसभा के लिए चुनाव होने वाले हैं. 

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हमलावर बीजेपी नेता राहुल गांधी के बयान को कांग्रेस शासन में ऑपरेशन ब्लू स्टार से जोड़कर पंजाब के सिखों के पुराने जख्मों को हरा करने की कोशिश कर रहे हैं - पंजाब 80 के दशक से ही कांग्रेस के लिए कमजोर कड़ी बना हुआ है, और राहुल गांधी ने अंदर का गुस्सा रवनीत सिंह बिट्टू पर जाहिर कर कांग्रेस के लिए सेल्फ गोल कर दिया है, ऐसा माना जा रहा है.

ऐसे वक्त जबकि बजट सत्र में विपक्ष केंद्र में सत्ताधारी बीजेपी को मजबूती से घेरने की कोशिश कर रहा है, राहुल गांधी ने नई मुसीबत मोल ली है - कहां राहुल गांधी पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब के बहाने, और ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में SIR के नाम पर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, और कहां रवनीत सिंह बिट्टू प्रकरण ने बचाव की मुद्रा में ला दिया है. 

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पंजाब चुनाव से पहले बीजेपी को मिला कांग्रेस को घेरने का मौका

रवनीत सिंह बिट्टू को लेकर राहुल गांधी का गुस्सा अपनी जगह सही हो सकता है. हो सकता है, ऐसा ही भाव वह एक और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए भी रखते हों. और, उन कांग्रेस नेताओं के लिए भी जो धीरे धीरे एक एक करके कांग्रेस छोड़कर जा चुके हैं. बिहार चुनाव के बाद कांग्रेस छोड़ने वाले सीनियर नेता शकील अहमद भी इल्जाम लगा चुके हैं कि उनको टार्गेट किया जा रहा है. राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार बोलकर बड़ी राजनीतिक भूल कर दी है, जिस तरह से बीजेपी के सिख नेताओं ने हल्ला बोल दिया है उससे तो ऐसा ही लगता है. 

1. ऑपरेशन ब्लू स्टार: 80 के दशक में गोल्डन टेंपल पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के ऑपरेशन ब्लू स्टार की कार्रवाई सिख समुदाय अब तक नहीं भूल पाया. राजनीतिक तौर पर संवेदनशील मौकों पर किसी न किसी बहाने या तो याद दिला दी जाती है, या यूं ही पुराने जख्म कुरेद दिए जाते हैं. 

2. 1984 का सिख दंगा: दिल्ली में हुआ दंगा जिसमें सिखों को निशाना बनाया गया, और कांग्रेस के कई नेताओं पर दंगे में शामिल होने के भी आरोप लगे. जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार जैसे नेताओं का नाम आते ही कांग्रेस को बचाव की मुद्रा में आना पड़ता है.

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3. दिल्ली के बोट क्लब पर, इंदिरा गांधी के जन्मदिन के मौके पर राजीव गांधी का बयान भी सिखों की भावनाओं को आहत करता है. जाने माने वकील एचएस फूलका की तरफ से शेयर किए गए वीडियो में राजीव गांधी को कहते सुना गया, '... कुछ दिन के लिए लोगों को लगा कि भारत हिल रहा है... लेकिन, जब भी कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती थोड़ी हिलती है.'

रवनीत सिंह बिट्टू को राहुल गांधी के 'गद्दार' कहने के बाद बीजेपी हमलावर हो गई है. खासकर बीजेपी के सिख नेता. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन का कहना है, कांग्रेस का इतिहास सिखों से नफरत भरा रहा है... राहुल गांधी के व्यवहार में वही मानसिकता फिर से नजर आई... बिट्‌टू के लिए गद्दार शब्द सिख विरोधी सोच का जीता-जागता उदाहरण है... कांग्रेस का यह व्यवहार दुनियाभर में बसे सिखों और उनकी देशभक्ति का अपमान है... भारत का सिख समाज कांग्रेस की नफरत भरी राजनीति को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा.

दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा कहते हैं, सिख सरदार है, वह कभी गद्दार नहीं हो सकता... अगर कोई गद्दार है, तो वह गांधी परिवार है... जिन्होंने श्री दरबार साहब के ऊपर तोप-टैंकों से हमला किया, श्री अकाल तख्त साहिब को गिराया और बेकसूर सिखों के गले में टायर डालकर जिंदा जलाया... ये सिखों की तौहीन है, यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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और, वैसे ही केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है, पहले जब कोई देश से बाहर जाता तो गद्दार कहा जाता था... देश में सिखों की आबादी 2 फीसदी से भी कम है, लेकिन आर्म्ड फोर्स में सिखों का योगदान 20 फीसदी से ज्यादा है. नाराजगी जताने के कई तरीके होते हैं, लेकिन गद्दार कहना सही नहीं है।

राहुल गांधी के बचाव में कूदे कांग्रेस नेता

बात सूबे की है, तो पंजाब कांग्रेस के प्रधान का ही मोर्चा संभालना बनता है. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राहुल गांधी के बयान को सही ठहराने की कोशिश की है. यहां तक कहा है कि गद्दार को गद्दार नहीं तो क्या कहा जाएगा. 

2024 के लोकसभा चुनाव में राजा वड़िंग ने ही रवनीत सिंह बिट्टू को लुधियान सीट पर 20 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था. उससे पहले 2014 और 2019 का चुनाव रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेस के टिकट पर ही जीते थे. चुनाव हार जाने के बावजूद पंजाब के राजनीतिक महत्व को देखते हुए बीजेपी ने राज्यसभा भेजकर रवनीत सिंह बिट्टू को मंत्री बनाया है.  

कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग कहते हैं, बिट्टू की क्या बात करना? बिट्टू, बीजेपी के रहमो-करम पर मंत्री हैं. राहुल गांधी ने युवा कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया. तीन बार का MP बनाया. जरा बिट्टू से पूछिए कि उन्हें पगड़ी बांधने के लिए प्रेरित किसने किया? वह पहले पहले पगड़ी नहीं बांधते थे... वह खुद कहते हैं. 

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राजा सिंह वड़िंग ने रवनीत सिंह बिट्‌टू का पुराना वीडियो सोशल साइट X पर पोस्ट किया है, जिसमें राहुल गांधी की तारीफ करते हुए रवनीत सिंह बिट्‌टू कह रहे हैं कि पगड़ी भी उन्होंने राहुल गांधी के कहने पर डाली है. रवनीत सिंह बिट्टू कह रहे हैं, अगर मैं पगड़ी पहन कर यहां खड़ा हूं, तो इसकी वजह राहुल गांधी हैं... जिन्होंने बताया कि मुझे पगड़ी धारण करनी चाहिए.

रवनीत सिंह बिट्टू के लिए अब ये सब बीते दिनों की बात हो चुकी है. सिखों को लेकर राहुल गांधी के विदेश में दिए गए बयान पर रवनीत सिंह बिट्टू ने उनको देश का दुश्मन और आतंकवादी बताया था. और, खुद को 'गद्दार' बोले जाने पर भी पहली प्रतिक्रिया वैसी ही थी. 

केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू अब कह रहे हैं, राहुल गांधी को लगता है कि वह सबसे बड़े देशभक्त हैं, क्योंकि उनके पिता ने खुद को कुर्बान कर दिया... कांग्रेस और गांधी परिवार ने पंजाब में आग लगा दी थी... हमारे सबसे बड़े गुरुद्वारे, गोल्डन टेंपल पर गोलियां चलाई गईं... हजारों सिखों, पंजाबियों को निशाना बनाया और मार डाला गया. अगर राजीव गांधी को 'शहीद' कहा जाता है, तो हमें शहीद-ए-आजम सरदार बेअंत सिंह को भी कहना चाहिए.

राहुल गांधी पर रवनीत सिंह ने बड़ा आरोप लगाया है, जब मैंने हाथ नहीं मिलाया तो राहुल गांधी ने फिजिकल अटैक की कोशिश की... मेरी पगड़ी भी उतार देते... कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उन्हें रोका था. 

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और फिर पूछते हैं, 'मेरे से किसी की हिम्मत कैसे हो गई? मेरे सिर पर पगड़ी है, गुरु की... हम पंजाब के हैं, तेरे सामने कैसे झुक सकते हैं? जो मर्जी कहोगे आप, और फिर कहोगे कि हाथ मिलाओ... अरे वाह, राहुल जी! आपसे हाथ मिलाए मेरी जूती.'
 

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