मल्लिकार्जुन खड़गे चुनावों के दौरान अपने बयानों से विवाद क्यों खड़ा कर देते हैं?

मल्लिकार्जुन खड़गे के असम और केरलम में चुनाव कैंपेन के दौरान दिए गए बयान पर खासा विवाद हो रहा है. विवाद होने के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने माफी तो मांग ली है, लेकिन चुनाव आयोग और पुलिस में शिकायत भी दर्ज करा दी गई है - क्या ये मल्लिकार्जुन खड़गे की चुनाव प्रचार की स्टाइल बन गई है?

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे गुवाहाटी में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए. (Photo: PTI) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे गुवाहाटी में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए. (Photo: PTI)

मृगांक शेखर

  • नई दिल्ली,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:32 PM IST

चुनाव काल में मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान बड़े तीखे होते हैं. केरलम और असम की चुनावी रैलियों में भी कांग्रेस अध्यक्ष के ऐसे ही बयान सुनने को मिले हैं. हमेशा की तरह बयान पर बवाल भी हो रहा है. बीजेपी नेताओं ने हमला भी बोला है, और चुनाव आयोग में शिकायत भी दर्ज कराई है - और, मल्लिकार्जुन खड़गे जैसा अक्सर करते हैं, माफी भी मांग ली है. 

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गुजरात के लोगों की समझ पर अपनी टिप्पणी के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे ने खेद जताया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है, 'मेरे बयान को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया... मैं शब्दों पर खेद व्यक्त करता हूं.'

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, मल्लिकार्जुन खड़गे ने केरलम के इडुक्की में गुजरात और केरलम के लोगों की समझ की तुलना करते हुए अपनी राय जाहिर की थी. करीब करीब वैसे ही जैसे 2021 के केरलम विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने दक्षिण भारत के मुकाबले उत्तर भारत के लोगों की राजनीतिक समझ को कम बता दिया था.  

पहले जहरीला बताया, फिर माफी मांगी

6 अप्रैल को असम के श्रीभूमि जिले में एक चुनावी रैली के दौरान, कुरान का हवाला देते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था, अगर किसी के सामने से कोई जहरीला सांप गुजर रहा हो... भले ही वह उस समय नमाज पढ़ रहा हो, तो उसे नमाज छोड़कर उस जहरीले सांप को मार देना चाहिए.

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और, उससे पहले 5 अप्रैल को केरलम में चुनाव कैंपेन के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुजरात के लोगों को 'अनपढ़' और 'बेवकूफ' के तौर पर प्रोजेक्ट किया था. मल्लिकार्जुन खड़गे कह रहे थे, 'केरलम के लोगों को गुमराह मत करो... वे बहुत होशियार और पढ़े-लिखे हैं... मोदीजी, विजयन, आप दोनों गुजरात या दूसरी जगहों के अनपढ़ लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन आप केरलम के लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते.'

मल्लिकार्जुन खड़गे के इस बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष को घेर लिया. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे को माफी मांगनी चाहिए... उन्होंने साढ़े छह करोड़ गुजरातियों का अपमान ही नहीं किया है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल की पवित्र भूमि के गौरव को भी ठेस पहुंचाई है.

बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद तो मल्लिकार्जुन खड़गे के बहाने गांधी परिवार से सफाई मांगने लगे. रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से पूछा है कि क्या वे खड़गे के बयान से सहमत हैं? रविशंकर प्रसाद ने कहा, अगर राहुल गांधी में समझ है तो उन्हें इस टिप्पणी से दूरी बनानी चाहिए, इसकी निंदा करनी चाहिए और माफी की मांग करनी चाहिए.'

मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी के खिलाफ दक्षिण दिल्ली के पूर्व मेयर और बीजेपी नेता नरेंद्र कुमार चावला ने चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है. नरेंद्र चावला ने पुलिस से कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने, और चुनाव आयोग से आचार संहिता उल्लंघन के लिए सख्त एक्शन की मांग की है.

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नरेंद्र चावला ने अपनी शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं का हवाला देते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है. और, मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने के प्रयास, धार्मिक अपमान, हत्या का प्रयास और साजिश, आचार संहिता का उल्लंघन के लिए कार्रवाई किए जाने की मांग की है.

राजस्थान में भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है. जयपुर के अशोक नगर पुलिस स्टेशन में दी गई शिकायत में कहा गया है कि सांप को मारने से जुड़ा बयान ने वन्यजीव कानून का उल्लंघन है. शिकायत करने वाले वन्यजीव प्रेमी सूरज सोनी का आरोप है कि मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान में में सांप को मारने की बात कही गई, जो सीधे-सीधे वन्यजीव संरक्षण नियमों के खिलाफ है. यह मामला वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट, 1972 के तहत दर्ज हुआ है. 

मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादित बयान

1. नवंबर, 2022 में गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान पर खूब बवाल हुआ था. एक चुनावी रैली में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था, 'बीजेपी नगरपालिका तक के चुनाव में कहती है मोदी को वोट दो… क्या मोदी यहां काम करने आएंगे? प्रधानमंत्री हर वक्त अपनी ही बात करते हैं... आप किसी को मत देखो, मोदी को देख कर वोट दो? तुम्हारी सूरत कितनी बार देखना? कॉरपोरेशन में भी तुम्हारी सूरत देखना, एमएलए के इलेक्शन में भी तुम्हारी सूरत देखना, एमपी इलेक्शन में भी तुम्हारी सूरत देखना... हर जगह, आपके रावण के जैसे सौ चेहरे हैं क्या?'

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BJP ने मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान को गुजराती अस्मिता के साथ जोड़ दिया था. प्रधानमंत्री मोदी को रावण कहे जाने को बीजेपी ने घोर अपमान बताया, और आरोप लगाया कि कांग्रेस गुजरात के बेटे का अपमान कर रही है. कांग्रेस को मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान बहुत महंगा पड़ा था. गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों में बीजेपी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए विधानसभा की 182 सीटों में से 156 सीटें जीत लीं, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 17 सीटें ही मिल पाईं.

2. जून, 2014 में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर संसद में हो रही चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कांग्रेस की सीटों को लेकर चुटकी ली, तो मल्लिकार्जुन खड़गे को गुस्सा आ गया. राजीव प्रताप रूडी ने कहा था, हमने कभी नहीं सोचा था कि कई सालों की पुरानी नेशनल पार्टी को हमारा स्वागत एक रीजनल पार्टी की तरह करना पड़ेगा.

जवाब में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'हमारी संख्या कम है तो क्या हुआ, हम किसी से डरते नहीं हैं... पांडव सिर्फ 5 थे और कौरव 100, मगर यह नहीं भूलना चाहिए कि 100 कौरव भी 5 पांडवों को हरा नहीं पाए थे.'

मल्लिकार्जुन खड़गे ने मध्य प्रदेश में चुनाव कैंपेन के दौरान भी ऐसी बात कही थी, लेकिन मामला उलट दिया था. तब मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी की तुलना पांडवों से कर दी थी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था, बीजेपी में पांच पांडव हैं - नरेंद्र मोदी, शिवराज सिंह चौहान, ED, CBI और IT.

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3. अगस्त, 2024 में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था, 'बीजेपी विष है, इसे निकालकर फेंकने की जरूरत है... अगर आप बीजेपी को पकड़कर देखने की भी कोशिश करेंगे तो उसका विष आपके शरीर में घुस जाएगा.'

4. फरवरी, 2025 में बजट सत्र के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में हुई गिरावट पर बोल रहे थे, तभी बीजेपी सांसद नीरज शेखर ने बीच में ही टोक दिया. नीरज शेखर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे हैं. 

गुस्से में लाल मल्लिकार्जुन खड़गे ने नीरज शेखर से कहा था, 'तेरे बाप का भी मैं ऐसा साथी था... तू क्या बात करता है? तुझको लेकर घूमा... चुप, चुप, चुप बैठ!'

5. मल्लिकार्जुन खड़गे ने 2025 के प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ से हुई मौतों को लेकर भी संसद में ऐसी बात कही जिस पर बवाल मच गया था. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था, '29 जनवरी को महाकुंभ में हुई भगदड़ में मारे गए हजारों लोगों को मेरी श्रद्धांजलि.'

जब राज्यसभा के सभापति ने बयान वापस लेने को कहा तो मल्लिकार्जुन खड़गे बोले, 'यह मेरा अनुमान है... अगर आंकड़े सही नहीं हैं तो सरकार बताए, कितने लोग मारे गए? अगर मैं गलत हुआ तो मैं माफी मांगूंगा.' 

6. पहलगाम आतंकी हमले को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे ने 6 मई, 2025 को कहा था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हमले से तीन दिन पहले ही इंटेलिजेंस रिपोर्ट मिल गई थी, इसीलिए उन्होंने अपना कश्मीर दौरा रद्द कर दिया था. और पूछा, लेकिन, आम जनता को कोई चेतावनी क्यों नहीं दी गई? 

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7. आदिवासी मामलों के लिए बीजेपी को घेरते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी घसीट लिया. 8 जुलाई, 2025 को मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था, 'बीजेपी ने (द्रौपदी) मुर्मू और (रामनाथ) कोविंद को राष्ट्रपति तो बनाया, पर क्या इसलिए कि वह हमारी जमीन, जंगल और पानी छीन सके? यह सब आदिवासियों की जमीन हड़पने के लिए किया है.'

मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान, कांग्रेस का बचाव

कांग्रेस की तरफ से मल्लिकार्जुन खड़गे का यह बोलकर बचाव किया जाता है कि कांग्रेस अध्यक्ष सच बोलते हैं, इसलिए बीजेपी को दिक्कत होती है. कांग्रेस मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों को आरएसएस और बीजेपी की विचारधारा पर हमला बताती है. राहुल गांधी भी कहते हैं कि संघ और बीजेपी के साथ कांग्रेस की लड़ाई विचारधारा की है. 

दिलचस्प बात यह है कि मल्लिकार्जुन खड़गे अक्सर अपने बयानों पर सफाई देते हैं, या फिर ज्यादा बवाल मचने की सूरत में माफी मांग लेते हैं. बयान तब तक सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका होता है. बयान का मकसद भी पूरा हो गया होता है - और धीरे धीरे ये सब मल्लिकार्जुन खड़गे के चुनाव कैंपेन की स्टाइल बनती जा रही है.

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