रेलवे का गजब घोटाला... रिटायर्ड कर्मचारियों को बांटे 'नकली चांदी' के सिक्के; 3 साल से चल रहा था खेल, इंदौर की फर्म ब्लैकलिस्ट

West Central Railway Silver Coin Scam: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) का एक ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसने रेलवे की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वर्षों तक विभाग की सेवा करने के बाद रिटायर हुए कर्मचारियों को सम्मान के रूप में जो चांदी के सिक्के दिए गए, वे जांच में 'तांबे' के निकले.

Advertisement
विदाई में मिले 'चांदी' के सिक्के निकले तांबा.(Photo:ITG) विदाई में मिले 'चांदी' के सिक्के निकले तांबा.(Photo:ITG)

धर्मेंद्र साहू

  • भोपाल ,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:55 PM IST

पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को विदाई समारोह में दिए जाने वाले चांदी के सिक्के नकली पाए गए हैं. शुद्ध चांदी की जगह इन सिक्कों में भारी मात्रा में तांबा मिला हुआ है. यह मामला तब सामने आया जब कुछ रिटायर्ड कर्मचारियों को पैसों की जरूरत पड़ी और वे इन सिक्कों को बेचने के लिए बाजार पहुंचे.

Advertisement

दरअसल, जब जौहरी ने सिक्के की जांच की, तो पता चला कि इसमें चांदी मात्र 0.23% है, जबकि बाकी हिस्सा तांबा है. नियमानुसार इन सिक्कों में 99.9% चांदी होनी चाहिए थी.

रिटायर्ड कर्मचारी डीके गौतम ने बताया, "हमें लगा कि यह विभाग की यादगार है, लेकिन जब पता चला कि यह तांबा है, तो हमें ठगा हुआ महसूस हुआ. यह हमारा अपमान है."

रेलवे विजिलेंस की जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. रेलवे ने इंदौर की फर्म मेसर्स डायमंड बायबल कंपनी को 3 हजार 640 सिक्कों का ऑर्डर दिया था. भोपाल के सामान्य भंडार में कुल 3 हजार 631 सिक्के आए थे. हर सिक्के की कीमत करीब 2500 रुपए आंकी गई थी. इस लिहाज से कंपनी ने रेलवे को करीब 90 लाख रुपए से अधिक का चूना लगाया है.

Advertisement

मामला तूल पकड़ते ही रेलवे प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं. रेलवे ने इंदौर की दोषी फर्म 'मेसर्स डायमंड बायबल' को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया है. भोपाल के बजरिया थाने में रेलवे विजिलेंस द्वारा शिकायती आवेदन दिया गया है.

वहीं, बजरिया थाने के एसआई अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे से कुछ जानकारियां शेयर करने को कहा गया है, जिसके बाद दोषियों की गिरफ्तारी की जाएगी.

इनका कहना

पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) नवल अग्रवाल ने 'आजतक' को बताया, ''पूरे मामले की जांच की जा रही है. रेलवे विभाग की विजिलेंस टीम ने भोपाल के बजरिया थाने में भी आवेदन दिया था. सिक्कों की जांच हो रही है. कंपनी को ब्लैकलिस्टेड किया गया है.''

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »