7 दिनों से -4°C में ट्विशा की डेड बॉडी, क्यों पड़ी माइनस 80°C की जरूरत

ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में अदालत ने दूसरे पोस्टमार्टम और नई फॉरेंसिक जांच की याचिका खारिज कर दी है. पुलिस को डेड बॉडी के लिए अल्ट्रा-लो टेम्परेचर सुविधाओं की जरूरत है. फिलहाल शव को एम्स भोपाल में -4°C पर रखा गया है, जबकि -80°C की आवश्यकता बताई गई है. पोस्टमार्टम में एंटीमॉर्टम हैंगिंग से मृत्यु का जिक्र है.

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ट्विशा शर्मा नोएडा की रहने वाली थीं. File Photo ITG ट्विशा शर्मा नोएडा की रहने वाली थीं. File Photo ITG

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 20 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:30 PM IST

ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में बुधवार को सुनवाई के दौरान अदालत में कई अहम तथ्य सामने आए. अदालत ने दूसरे पोस्टमार्टम और ताजा फॉरेंसिक जांच की याचिका खारिज कर दी, लेकिन साथ ही पुलिस को निर्देश दिया कि वह मध्य प्रदेश और अन्य महानगरों में ऐसे चिकित्सा संस्थानों की पहचान करे जहां अल्ट्रा-लो टेम्परेचर प्रिजर्वेशन सुविधा उपलब्ध हो.

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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि फिलहाल शव एम्स भोपाल की मोर्चरी में -4°C पर रखा गया है, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए लगभग -80°C तापमान की आवश्यकता होती है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में कहीं भी ऐसी अत्याधुनिक शव संरक्षण सुविधा उपलब्ध नहीं है.

इस बीच पुलिस ने मृतका के पिता को पत्र लिखकर शव को जल्द कब्जे में लेने की अपील की, क्योंकि लंबे समय तक रखने से उसके खराब होने की आशंका बढ़ सकती है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया
प्रारंभिक ऑटोप्सी रिपोर्ट के अनुसार, ट्विशा के गले पर दो समानांतर लिगेचर मार्क्स पाए गए हैं, जो फांसी में इस्तेमाल किए गए कथित सामग्री के दबाव से बने बताए गए हैं. लगभग 2 सेंटीमीटर चौड़े ये निशान गर्दन के दोनों ओर ऊपर की तरफ पाए गए. डॉक्टरों ने गर्दन के सेल्स में ब्लड फ्लो और कंजेशन भी दर्ज किया.

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रिपोर्ट में मृत्यु का कारण एंटीमॉर्टम हैंगिंग से सांस का रुकना बताया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि फांसी लगाते समय वह जीवित थीं. हालांकि, डबल लिगेचर मार्क्स मिलने के कारण परिवार ने जांच पर सवाल उठाए हैं.

पुलिस जांच और परिवार के आरोप
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि जांच आत्महत्या के पहलू से की जा रही है और पुलिस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है. वहीं परिवार का आरोप है कि जांच में कई अहम साक्ष्य सही तरीके से दर्ज नहीं किए गए और फांसी में इस्तेमाल कथित सामग्री को भी पोस्टमार्टम में शामिल नहीं किया गया.

ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं. वह 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं. इसके बाद पुलिस ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या और प्रताड़ना का मामला दर्ज किया था.

इस मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है. परिवार ने आरोप लगाया है कि एफआईआर में देरी हुई और जांच में पारदर्शिता की कमी रही. वहीं सास गिरिबाला सिंह ने सभी आरोपों को खारिज किया है.

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