कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- अपनी औकात में रहें नेता प्रतिपक्ष, सिंघार का पलटवार- मैं तुम्हें...

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

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Kailash Vijayvargiya vs Umang Singhar Kailash Vijayvargiya vs Umang Singhar

aajtak.in

  • भोपाल ,
  • 20 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:21 PM IST

मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष के नेता उमंग सिंघार के लिए एक असंसदीय शब्द का इस्तेमाल करके विवाद खड़ा कर दिया, जिसके बाद स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर और मुख्यमंत्री मोहन यादव को खेद जताना पड़ा.

गुरुवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री अपना आपा खो बैठे, जिससे हंगामा शुरू हो गया.

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चर्चा में हिस्सा लेते हुए सिंघार ने सिंगरौली में सरकार और अडानी ग्रुप के बीच हुए एक समझौते का हवाला दिया और दावा किया कि सरकार बिजली खरीदने के नाम पर कंपनी को 25 साल में 1.25 लाख करोड़ रुपये देने की तैयारी कर रही है.

मंत्री विश्वास सारंग ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि जो व्यक्ति सदन में मौजूद नहीं है, उसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए, जबकि विजयवर्गीय ने सिंघार पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया.

सिंघार ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह सबूत देने को तैयार हैं, तो कैलाश विजयवर्गीय बोले- 'हैं तो रखो'.. इससे दोनों के बीच तीखी बहस हुई और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया, जिसके दौरान विजयवर्गीय ने आपा खो दिया और कहा कि 'औकात में रहें नेता प्रतिपक्ष'. इस पर पलटवार में नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा, 'मैं तुम्हें औकात दिखा दूंगा.'

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इसके बाद विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों ने विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगा और हंगामे के बीच तोमर ने सदन को कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया. जब सदन फिर से शुरू हुआ, तो तोमर ने 'असहज स्थिति' पर अफसोस जताया.

स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर बोले- हदें पार हो गईं

पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा का जिक्र करते हुए स्पीकर तोमर ने याद दिलाया कि पूर्व CM अक्सर कहते थे कि सदन में बोलते समय गुस्सा दिखना चाहिए, लेकिन यह आना नहीं चाहिए.

तोमर ने कहा, "गुस्सा नहीं होना चाहिए, लेकिन आज यह दोनों तरफ़ से हुआ. इससे एक असहज स्थिति पैदा हो गई. मैं इससे दुखी हूं, और इसके लिए सत्ताधारी और विपक्षी दोनों पार्टियां ज़िम्मेदार हैं. संसदीय मामलों के मंत्री बहुत अनुभवी हैं, फिर भी आज कैसे हदें पार की गईं, यह हम सभी के लिए चिंता की बात है," और दोनों पक्षों से विवाद सुलझाने की अपील की.

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि उन्होंने सदन से उन शब्दों के लिए माफी मांगी है जो उन्होंने जाने-अनजाने में कहे थे. सिंघार ने कहा कि वह CM की बात का सम्मान करते हैं और संसदीय शिष्टाचार का सम्मान करते हैं. सिंघार ने कहा, "अगर मेरी तरफ से कुछ हुआ है, तो मैं भी अफसोस जाहिर करता हूं."

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विजयवर्गीय ने भी कहा कि उन्हें 37 साल का राजनीतिक अनुभव है, लेकिन वे नेता प्रतिपक्ष के बर्ताव से नाखुश हैं. उन्होंने पूछा कि अगर जिम्मेदार पद पर बैठे लोग संसदीय मर्यादाओं को फॉलो नहीं करते, तो दूसरे मेंबर कैसे कर सकते हैं.

विजयवर्गीय ने कहा, "मुझे नहीं पता कि आज यह सब कैसे हुआ. उमंग की बॉडी लैंग्वेज थोड़ी अलग थी... मैं उमंग से प्यार करता हूं... मैं उनके बर्ताव से दुखी हूं."

'मैं अपनी औकात में हूं'

बाद में सिंघार ने X पर एक पोस्ट में दावा किया कि वह हमेशा अपनी 'औकात' में रहते हैं. सिंघार ने मीडिया पोस्ट में कहा, "माननीय कैलाश विजयवर्गीय जी, मैं अपनी औकात में हूं, मेरी औकात मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के सवालों को आपकी अहंकारी सत्ता के सामने मुखरता से रखने की है. मेरी इसी औकात ने आपको इतना बौना बना दिया कि आपके अंदर का असली चेहरा बाहर आ गया, मेरी इसी औकात ने आपको भागीरथपुरा पर बहस करने पर मजबूर किया.

ये अपशब्द केवल उमंग सिंघार या किसी एक नेता प्रतिपक्ष के लिए नहीं थे, यह मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता का अपमान है. जनता को कीड़े-मकोड़े समझने की मानसिकता रखने वाले मंत्री विजयवर्गीय ने असल में अपने अहंकार का परिचय दिया है. 35 परिवार उजड़ गए, लोग बेघर हो गए, और सवाल पूछने पर 'औकात में रहो' कहा जाता है? सत्ता का मद इतना चढ़ गया है कि जनप्रतिनिधि खुद को जनता से ऊपर समझने लगे हैं.

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याद रखिए मंत्री जी, लोकतंत्र में असली ताकत जनता है, कुर्सी नहीं. जिस जनता को आप औकात याद दिलाने की कोशिश कर रहे हैं, वही जनता चुनाव के दिन असली औकात दिखाती है. मध्यप्रदेश अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा. अहंकार और असंवेदनशीलता से चलने वाली निकम्मी सरकार को जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देना जानती है.

MP कांग्रेस चीफ जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय के बर्ताव को घमंड की हद बताया और कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'न्यू इंडिया' का एक नया रूप है.

पटवारी ने कहा कि कांग्रेस विजयवर्गीय के पुतले जलाकर विरोध करेगी. उनके ऐलान के कुछ ही देर बाद, कुछ यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भोपाल में उनके घर के बाहर विजयवर्गीय का पोस्टर जला दिया.

हाल ही में विजयवर्गीय ने तब विवाद खड़ा कर दिया जब उन्होंने इंदौर में पीने के पानी के खराब होने से जुड़े एक रिपोर्टर के सवाल को खारिज करने के लिए 'घंटा' शब्द का इस्तेमाल किया था. 

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