राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द

मध्य प्रदेश में कांग्रेस को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब उसकी राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन कथित तौर पर एक लंबित आपराधिक मामले की जानकारी हलफनामे में नहीं देने के आधार पर खारिज कर दिया गया. कांग्रेस ने फैसले को गलत बताते हुए कहा है कि मीनाक्षी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और उन्हें केवल अदालत का एक नोटिस मिला था.

Advertisement
मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द. (Photo: PTI) मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द. (Photo: PTI)

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 09 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:49 PM IST

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन जांच (स्क्रूटनी) के दौरान खारिज कर दिया गया है. इसके साथ ही राज्य की तीसरी राज्यसभा सीट पर मुकाबला समाप्त हो गया और भाजपा उम्मीदवार महेश केवट का निर्विरोध निर्वाचित होना तय है. बीजेपी ने कांग्रेस उम्मीदवार पर नामांकन एफिडेविट में आपराधिक मामला छिपाने का आरोप लगाया था.

Advertisement

भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह ने मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई थी. आरोप है कि उन्होंने अपने नामांकन पत्र में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई थी. इसी आधार पर उनके नामांकन को खारिज किया गया. रिटर्निंग ऑफिसर ने बीजेपी की आपत्ति पर मीनाक्षी नटराजन को अपना पक्ष रखने के लिए मंगलवार शाम 6 बजे तक का समय दिया था. मीनाक्षी ने जो स्पष्टिकरण दिया उससे संतुष्ट नहीं होने पर रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन रद्द कर दिया.

मप्र में 18 जून को राज्यसभा चुनाव

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होना है. 230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के पास 164 विधायक हैं. इस संख्या के आधार पर भाजपा दो राज्यसभा सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में थी और उसके पास 48 अतिरिक्त वोट भी बच रहे थे.

Advertisement

हालांकि तीसरी सीट जीतने के लिए उसे क्रॉस वोटिंग या अन्य दलों के समर्थन की जरूरत थी. वहीं कांग्रेस के पास 63 विधायक हैं, लेकिन दो विधायक- राजेंद्र भारती और मुकेश मल्होत्रा राज्यसभा चुनाव में मतदान के पात्र नहीं हैं. ऐसे में कांग्रेस की प्रभावी संख्या 61 रह जाती है. इसी वजह से तीसरी राज्यसभा सीट का चुनाव राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा था. हालांकि, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के चलते यह सीट भी बीजेपी की झोली में आनी तय है.

कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत

कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ उठाई गई आपत्ति पूरी तरह निराधार है. कांग्रेस का दावा है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है. उन्हें केवल अदालत की ओर से एक सामान्य नोटिस प्राप्त हुआ था. पार्टी नेताओं के अनुसार, चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत उम्मीदवारों को चुनावी हलफनामे में केवल उन आपराधिक मामलों की जानकारी देनी होती है जो विधिवत दर्ज (रजिस्टर्ड) हों. महज किसी शिकायत या न्यायिक नोटिस को हलफनामे में घोषित करना अनिवार्य नहीं है. कांग्रेस का कहना है कि इसलिए मीनाक्षी नटराजन पर जानकारी छिपाने का आरोप तथ्यात्मक और कानूनी रूप से गलत है.

Advertisement

मीनाक्षी नटराजन पर क्या केस है?

दस्तावेजों के मुताबिक यह मामला 2025 में दर्ज एक शिकायत से जुड़ा है. 20 अगस्त, 2025 को ए. श्रीलता नाम की महिला ने हैदराबाद की मेट्रोपॉलि​टन मजिस्ट्रेट की अदालत में मीनाक्षी नटराजन (आरोपी संख्या-4) और अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. इस आधार पर मीनाक्षी नटराजन और अन्य पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 356, 61, 45, 46, 351(2), 3(5) और 79 के तहत आरोप लगाए गए.

अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 17 सितंबर, 2025 को मीनाक्षी नटराजन को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. मीनाक्षी नटराजन की ओर से उनके वकील ने 24 अक्टूबर, 2025 को जवाबी हलफनामा दाखिल किया. इसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए खुद पर लगे आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया और मामले को खारिज करने की मांग की.

अदालत ने 17 नवंबर, 2025 को मामला खारिज करने के बजाय सुनवाई शुरू करने का फैसला किया. यह मामला अब भी  विचाराधीन है. मीनाक्षी नटराजन ने नॉमिनेशन के वक्त एफिडेविट में इस केस के बारे में जानकारी नहीं दी थी. इसी आधार पर रिटर्निंग ऑफिसर ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की संबंधित धाराओं के उल्लंघन करने के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया.

Advertisement

रनवे पर रुका कांग्रेस विधायकों का प्लेन

कांग्रेस ने तीसरी राज्यसभा सीट जीतने के लिए पूरा दमखम लगा दिया था. पार्टी ने पोचिंग से बचने के लिए अपने विधायकों को चार्टर्ड प्लेन से कर्नाटक भेजने का प्लान बनाया था. हालांकि, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस विधायकों को लेकर कर्नाटकर जा रहे विशेष विमान को रनवे पर रोक दिया गया. कांग्रेस ने अपने विधायकों को वापस भोपाल लौटने के लिए कह दिया.

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'मीनाक्षी नटराजन के नॉमनोनेशन के बारे में भ्रम फैलाया जा रहा है. कोई क्रिमिनल केस रजिस्टर्ड नहीं है. मात्र एक नोटिस आया है कि उनके और अन्य लोगों के खिलाफ 10 करोड़ के कंपनसेशन की कार्यवाही क्यों ना की जाए? जिस नोटिस का मीनाक्षी के वकील ने जवाब दिया है. उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं है.'

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »