नेपोलियन की इस कहानी से सीखें कभी ना हार मानने की कला

उसकी सेना में अचानक हलचल की स्थिति पैदा हो गई. फिर भी उसने अपनी सेना को चढ़ाई का आदेश दिया. पास मे ही एक बुजुर्ग औरत खड़ी थी. उसने जैसे ही यह सुना वो उसके पास आकर बोले की क्यों मरना चाहते हो.

Advertisement
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

रोहित

  • ,
  • 23 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 9:31 AM IST

नेपोलियन अक्सर जोखिम भरे काम किया करते थे. एक बार उन्होने आलपास पर्वत को पार करने का ऐलान किया और अपनी सेना के साथ चल पड़े. सामने एक विशाल और गगनचुम्बी पहाड़ खड़ा था जिसपर चढ़ाई करना असंभव था. उसकी सेना में अचानक हलचल की स्थिति पैदा हो गई. फिर भी उसने अपनी सेना को चढ़ाई का आदेश दिया. पास मे ही एक बुजुर्ग औरत खड़ी थी. उसने जैसे ही यह सुना वो उसके पास आकर बोले की क्यों मरना चाहते हो.

Advertisement

यहां जितने भी लोग आए हैं वो मुंह की खाकर यहीं रहे गए. अगर अपनी जिंदगी से प्यार है तो वापस चले जाओ. उस औरत की यह बात सुनकर नेपोलियन नाराज होने की बजाए प्रेरित हो गए और झट से हीरों का हार उतारकर उस बुजुर्ग महिला को पहना दिया और फिर बोले, 'आपने मेरा उत्साह दोगुना कर दिया और मुझे प्रेरित किया है. लेकिन अगर मै जिंदा बचा तो आप मेरी जय-जयकार करना.'

उस औरत ने नेपोलियन की बात सुनकर कहा, 'तुम पहले इंसान हो जो मेरी बात सुनकर हताश और निराश नहीं हुए. जो मुसीबतों का सामना करने का इरादा रखते है, वह लोग कभी नहीं हारते.

इतिहास में नेपोलियन को विश्व के सबसे महान और अजय सेनापतियों में से एक गिना जाता है. वह इतिहास के सबसे महान विजेताओं में से माने जाते थे. उसके सामने कोई टिक नहीं पाता था. जिंदगी में मुसीबतें चाय के कप में जमी मलाई की तरह हैं, और कामयाब वो लोग होते हैं जो फूंकमार कर मलाई को अलग कर देते हैं और आराम से चाय का पान करते हैं.

Advertisement

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement