'दिवाली में पटाखे नहीं, मिठाई पर करें खर्च', सुप्रीम कोर्ट ने की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा विक्रेताओं को गुरुवार को बड़ा झटका दिया. कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर लगे बैन को हटाने वाली याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है. इतना ही नहीं कोर्ट ने विक्रेताओं को दिवाली पर पटाखों की जगह मिठाई पर खर्च करने की सलाह भी दी.

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दिल्ली सरकार के पटाखों पर पूर्ण बैन के फैसले को दी गई है चुनौती (सांकेतिक फोटो) दिल्ली सरकार के पटाखों पर पूर्ण बैन के फैसले को दी गई है चुनौती (सांकेतिक फोटो)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 20 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 11:27 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर लगे बैन को हटाने वाली याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है. यह याचिका पटाखा विक्रेताओं ने दाखिल की थी. इसी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा विक्रेताओं से कहा कि लोगों को साफ हवा में सांस लेने दें. जश्न मनाने के और भी तरीके हैं. दिवाली में पटाखों की जगह आप अपना पैसा मिठाई पर खर्च करें.

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इससे पहले पटाखा बनाने वाली कंपनी ने याचिका दाखिल कर पटाखों पर पूर्ण बैन के दिल्ली सरकार के फैसले को चुनौती दी थी. हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता से इस पर सुनवाई से मना कर दिया. कोर्ट ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है, इसलिए हम सुनवाई नहीं कर सकते. 

दिल्ली में पटाखे फोड़ने पर 200 रुपये जुर्माना

त्योहारों के सीजन को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राजधानी में हर तरह के पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. इतना ही नहीं दिल्ली में पटाखे फोड़ने पर जुर्माना भी देना होगा. अगर राजधानी में कोई भी शख्स पटाखे फोड़ता पाया गया तो उस पर 200 रुपये का जुर्माना लगेगा, वहीं उसे 6 महीने जेल में भी काटने पड़ सकते हैं.

पटाखा व्यावसायियों ने दिल्ली सरकार के इस कदम का विरोध जताया था. दिल्ली सरकार के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका लगाई गई है.

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BJP सांसद ने की एडवाइजरी जारी करने की अपील

दिल्ली सरकार के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर पटाखों के इस्तेमाल को लेकर दिशानिर्देश जारी करने की अपील की.

याचिका में कहा गया है कि साल 2021 में कई राज्यों ने पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था. इस फैसले के कारण दिवाली की शाम हिंदुओं को निशाना बनाया गया और उनकी गिरफ्तारियां की गई थीं. साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने एक डिटेल ऑर्डर पास किया था. इसमें ये साफ किया गया था कि पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा और बैलेंस रखना होगा.

याचिका में ये भी कहा गया है कि अरविंद केजरीवाल ने अब फिर से औरंगजेब की तरह पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. व्यापारियों को पहले ही कोरोना के कारण बड़ा झटका लगा है. अब दिल्ली सरकार के इस फैसले से व्यापारियों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो जाएगा.

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