CM केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, गिरफ्तारी से बचाने वाली याचिका खारिज

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से जुड़े मामले में गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय से सबूत दिखाने के लिए कहा था. इस पर ईडी के अधिकारी फाइल लेकर जज के चैंबर में पहुंचे थे. सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि, समन के जवाब में केजरीवाल को ईडी के सामने पेश होना होगा, उनकी गिरफ्तारी पर रोक नहीं है.

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अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल

संजय शर्मा / नलिनी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 21 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 5:30 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट से सीएम केजरीवाल को बड़ा झटका लगा है. गुरुवार को कोर्ट ने कहा कि, उन्हें गिरफ्तारी से राहत नहीं है. दरअसल ED के समन पर केजरीवाल पूछताछ के लिए नहीं पहुंच रहे थे, उन्होंने कोर्ट से इस बात की श्योरिटी मांगी थी कि अगर वह पूछताछ के लिए जाते हैं तो उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. इस पर कोर्ट ने कहा कि, समन के जवाब में केजरीवाल को ईडी के सामने पेश होना होगा, उनकी गिरफ्तारी पर रोक नहीं है.

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ईडी के समन के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने ईडी से सबूत मांगे. इसके बाद ईडी के अधिकारी सबूत लेकर जज के चैंबर में पहुंचे थे. माना जा रहा था कि सबूत देखने के बाद जज आज ही इस मामले में कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं. गुरुवार शाम को कोर्ट ने इस मामले में अहम टिप्पणी करते हुए सीएम केजरीवाल को राहत नहीं दी.

दरअसल, सीएम केजरीवाल ने ईडी के समन के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) के नोटिसों के बाद दिल्ली सीएम केजरीवाल ने पूछताछ के लिए आने से पहले गिरफ्तार ना करने की गारंटी मांगी थी. सीएम केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि केजरीवाल ईडी के सामने पूछताछ के लिए आएंगे, लेकिन कोर्ट में ईडी ये कहे कि उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.

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कोर्ट की प्रोसीडिंग में सवाल उठा कि, समन सुनवाई योग्य है कि नहीं. इस पर ED ने कहा कि समन सुनवाई योग्य है या नही. इस बात पर सुनवाई 22 अप्रैल को होगी, इसके लिए  22 अप्रैल की तारीख तय हुई है. 

अंतरिम राहत के आदेश को नियम नहीं माना जा सकताः ED
वहीं, ED की ओर से कहा गया कि आप अंतरिम आदेश को पूर्व प्रमाण यानी प्रिसिडेंट की तरह नहीं ले सकते हैं. ASG ने प्रोटेक्शन दिए जाने के लिए दिए गए आदेशों का हवाला देने पर कहा कि अंतरिम राहत के आदेश को नियम नहीं माना जा सकता. कोर्ट ने ईडी से पूछा कि आप समन के बाद समन भेज रहे हैं! आपने गिरफ्तार क्यों नहीं किया? कौन रोक रहा है? ईडी के वकील ASG एसवी राजू ने कहा कि उनको पता नहीं किसने कह दिया कि हम गिरफ्तार करने को उनको बुला रहे हैं. 

हमारे पास समन करने का अधिकार
हमें तो पूछताछ करनी है.. ईडी ने कहा कि हमारे पास तो समन करने का अधिकार है. उनको हमारे समन पर आकर जांच में सहयोग करते हुए हमारे सवालों के जवाब देने चाहिए. ASG राजू ने केजरीवाल की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा. इस याचिका पर भी मुख्य याचिका के साथ सुनवाई करने की दलील दी. राजू ने ईडी की ओर से कहा कि केजरीवाल पिछले आदेशों का हवाला देकर गारंटी चाहते हैं. हम ऐसे सैकड़ों आदेश कोर्ट के सामने रख सकते हैं जिनमें याचिकाकर्ता को कोर्ट ने कोई राहत नहीं दी. ED ने कहा कि, अरविंद केजरीवाल ये याचिका व्यक्तिगत आधार पर दाखिल की हैं. पार्टी के आधार पर नहीं. आम आदमी पार्टी इस मामले में पक्ष ही नही है.

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अदालतों के पुराने आदेशों का दिया हवाला

केजरीवाल की तरफ से पेश हुए उनके वकील सिंघवी ने कहा कि वे पहले भी कई बार कोर्ट में पेश हो चुके हैं. केजरीवाल की तरफ से सवाल किया गया कि क्या वह वरिष्ठ जजों की खंडपीठ के सामने अपील नहीं कर सकते कि उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए. उन्होंने कहा कि इस आश्वासन के बाद उन्हें भी पेश होने में कोई आपत्ति नहीं है.सिंघवी ने कई अदालतों के पुराने आदेशों का हवाला दिया, जिनमें आरोपी या वांछित को किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से अभय दान दिया गया है.

सुनवाई के दौरान केजरीवाल की तरफ से कहा गया कि जब तक ईडी उनकी याचिका पर जवाब दाखिल ना कर दे, तब तक कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाना चाहिए. इस दौरान एएसजी राजू ने कहा कि इन मामलों को मिसाल के तौर पर कैसे गिनाया जा सकता है?

दिल्ली की अदालत से मिली है जमानत

बता दें कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय ने 9वीं बार समन भेजते हुए 21 मार्च यानी आज बुलाया था. पूछताछ से पहले उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया और कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने की मांग की है. बुधवार को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 अप्रैल की तारीख लगाई है. इससे पहले भेजे गए समन पर पेश नहीं होने के मामले में उन्हें शनिवार को ही दिल्ली की एक अदालत से जमानत मिली है.

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कार्रवाई ना किए जाने की है मांग

बता दें कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय ने 9वीं बार समन भेजते हुए 21 मार्च यानी आज बुलाया था. पूछताछ से पहले उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया और कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने की मांग की है. बुधवार को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 अप्रैल की तारीख लगाई है. इससे पहले भेजे गए समन पर पेश नहीं होने के मामले में उन्हें शनिवार को ही दिल्ली की एक अदालत से जमानत मिली है.

ईडी के समन से बच रहे सीएम: BJP

अरविंद केजरीवाल को लेकर बीजेपी नेता हरीश खुराना ने कहा कि दिल्ली के सीएम फिर से ईडी के समन से बच रहे हैं. (अरविंद केजरीवाल) आप सरकार से क्यों भाग रहे हैं, यह तो आप ही जानते हैं. आप कानून का अपमान कर रहे हैं. आप नहीं कानून ऊपर है. कृपया कानून और व्यवस्था का सम्मान करें. जिस तरह से आप भाग रहे हैं, उससे साफ पता चलता है कि आप कुछ छिपा रहे हैं.

केजरीवाल ने बताया चुनावी समन

वहीं, ईडी का कहना है कि उनके पास केजरीवाल के खिलाफ 'पर्याप्त सामग्री' है.  केजरीवाल का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि उन्हें किस हैसियत से बुलाया जा रहा है. केजरीवाल ने कहा कि 2024 के चुनाव में मुझे बड़ी भूमिका निभानी है. केजरीवाल ने इस 'चुनावी समन' बताया. हाई कोर्ट ने कहा कि अगर समन पर केजरीवाल के साथ विवरण साझा नहीं करना चाहते हैं, तो हमें उनके खिलाफ मौजूद सबूत दिखाएं.

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