दुबई में तो रात-दिन AC चलते हैं, फिर वहां लोगों का कितना बिजली बिल आता है?

दुबई में भीषण गर्मी के कारण एयर कंडीशनर लगभग पूरे साल और कई जगह 24 घंटे चलते हैं. इसके बावजूद बिजली का बिल घर के साइज, AC का यूज और परिवार के सदस्यों की संख्या पर निर्भर करता है.

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दुबई में भीषण गर्मी के कारण AC लगभग पूरे साल इस्तेमाल किए जाते हैं. ( Photo: ITG) दुबई में भीषण गर्मी के कारण AC लगभग पूरे साल इस्तेमाल किए जाते हैं. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:04 AM IST

दुबई का नाम सुनते ही दिमाग में ऊंची-ऊंची इमारतें, लग्जरी लाइफस्टाइल और भीषण गर्मी की तस्वीर उभरती है. गर्मियों में यहां तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. ऐसे मौसम में एयर कंडीशनर (AC) कोई सुविधा नहीं, बल्कि जरूरत बन जाता है. यही वजह है कि दुबई में घरों, ऑफिसों, मॉल और होटलों में लगभग 24 घंटे AC चलते रहते हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि जब AC दिन-रात चलते हैं तो वहां बिजली का बिल कितना आता होगा?

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दुबई में AC क्यों है जरूरी?
भारत के कई हिस्सों में लोग गर्मियों के कुछ महीनों में ही AC चलाते हैं, लेकिन दुबई में हालात अलग हैं. यहां साल के अधिकांश समय मौसम काफी गर्म रहता है. मई से सितंबर तक की गर्मी इतनी ज्यादा होती है कि बिना AC के घर के अंदर रहना भी मुश्किल हो सकता है. इसी कारण ज्यादातर घरों में AC लगातार चलते रहते हैं. कई आधुनिक इमारतों में तो सेंट्रल कूलिंग सिस्टम लगा होता है, जो पूरी बिल्डिंग को ठंडा रखता है.

बिजली का बिल किन बातों पर निर्भर करता है?
दुबई में रहने वाले नासिर ने बताया कि बिजली का बिल हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं होता. यह कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे- घर का आकार कितना बड़ा है, परिवार में कितने लोग रहते हैं, AC का उपयोग कितना होता है, सेंट्रल AC है या स्प्लिट AC.  यही वजह है कि किसी का बिल कम तो किसी का काफी ज्यादा हो सकता है.

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आम लोगों का कितना आता है बिल?
नासिर बताते हैं कि दुबई में रहने वाले एक छोटे परिवार का मासिक बिजली बिल आमतौर पर 300 से 800 दिरहम के बीच आता है. भारतीय रुपये में देखें तो यह लगभग 7,000 से 18,000 रुपये के आसपास बैठता है. वहीं, बड़े विला या लग्जरी घरों में रहने वाले लोगों का बिल 1,000 से 3,000 दिरहम या उससे भी अधिक हो सकता है. यानी भारतीय मुद्रा में यह 20,000 रुपये से लेकर 70,000 रुपये या उससे ज्यादा तक पहुंच सकता है.

AC बिल का सबसे बड़ा हिस्सा होता है
दुबई में बिजली खपत का सबसे बड़ा कारण एयर कंडीशनिंग ही है. कई रिपोर्टों के अनुसार, गर्मियों में घर की कुल बिजली खपत का 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा केवल AC से जुड़ा हो सकता है. यानी अगर कोई व्यक्ति AC का उपयोग कम कर दे या तापमान थोड़ा बढ़ाकर रखे, तो उसके बिजली बिल में अच्छी-खासी बचत हो सकती है.

फिर भी लोग कैसे संभाल लेते हैं खर्च?
दुबई में औसत आय कई देशों की तुलना में ज्यादा होती है. इसके अलावा कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को हाउसिंग अलाउंस और अन्य सुविधाएं भी देती हैं. कई रिहायशी इमारतों में कई एडवांस फैसिलिटी होती है, जिससे एनर्जी की बचत होती है. नई बिल्डिंग में बेहतर इंसुलेशन और स्मार्ट तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाता है ताकि AC पर कम दबाव पड़े.

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क्या दुबई में बिजली बहुत महंगी है?
दुबई में बिजली फ्री नहीं है और उपभोक्ताओं को उपयोग के अनुसार भुगतान करना पड़ता है. हालांकि वहां की आय और लाइफ स्टाइल को देखते हुए अधिकांश लोग इसे सामान्य खर्च के रूप में देखते हैं. फिर भी गर्मियों के महीनों में बिजली का बिल सर्दियों की तुलना में काफी बढ़ जाता है, क्योंकि उस समय AC लगभग लगातार चलाना पड़ता है.

दुबई में भीषण गर्मी के कारण AC लगभग पूरे साल इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति का बिजली बिल बहुत ज्यादा ही आता है. बिल घर के आकार, AC के उपयोग और लाइफ स्टाइल पर निर्भर करता है. आम परिवारों का मासिक बिल कुछ सौ दिरहम से शुरू हो सकता है, जबकि बड़े घरों में यह हजारों दिरहम तक पहुंच सकता है. इसलिए दुबई में AC दिन-रात चलने के बावजूद लोग आधुनिक तकनीक और बेहतर ऊर्जा प्रबंधन की मदद से अपने खर्च को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं.

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