7 रुपये में चप्पल... दिल्ली के इस बाजार में चप्पल जूतों को रेट जान रह जाएंगे हैरान

दिल्ली का टेलीवाड़ा फुटवियर मार्केट देश के सबसे बड़े होलसेल जूता-चप्पल बाजारों में से एक है. यहां कुछ चप्पलों की शुरुआती कीमत करीब 7 रुपये से शुरू होती है. इस बाजार में बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के लिए हर तरह का फुटवियर मिलता है. 

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सोशल मीडिया पर अक्सर दावा किया जाता है कि इस बाजार में 7 रुपये की चप्पल मिलती है. ( Photo: ITG) सोशल मीडिया पर अक्सर दावा किया जाता है कि इस बाजार में 7 रुपये की चप्पल मिलती है. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:06 AM IST

क्या आपने कभी सोचा है कि जिस चप्पल को आप अपने शहर की दुकान से 150 या 200 रुपये में खरीदते हैं, उसकी शुरुआती कीमत महज 7 रुपये भी हो सकती है? या जो जूते ऑनलाइन 800 से 1,000 रुपये में बिकते हैं, वही थोक बाजार में 150 से 300 रुपये के बीच मिल जाते हैं. पहली बार सुनने में यह बात शायद यकीन करने लायक न लगे, लेकिन दिल्ली का एक बाजार ऐसा है जहां रोजाना लाखों रुपये का जूते-चप्पलों का कारोबार होता है और देशभर के छोटे-बड़े व्यापारी यहीं से अपना माल खरीदकर ले जाते हैं. यही वजह है कि अगर कोई कम निवेश में अपना कारोबार शुरू करना चाहता है तो सबसे पहले उसे इसी बाजार का नाम बताया जाता है. यहां सामान इतना सस्ता मिलता है कि कई लोग सिर्फ 20 से 50 हजार रुपये लगाकर अपना फुटवियर बिजनेस शुरू कर चुके हैं.

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कौन सा है यह बाजार?
दिल्ली के सदर बाजार के पास स्थित टेलीवाड़ा फुटवियर मार्केट देश के सबसे बड़े होलसेल फुटवियर बाजारों में से एक माना जाता है. इसके आसपास नबी करीम, पहाड़गंज और कई छोटी-बड़ी गलियों में सैकड़ों थोक दुकानें मौजूद हैं. यहां रोज सुबह से शाम तक खरीदारों की भीड़ लगी रहती है. सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और कई अन्य राज्यों के दुकानदार यहां माल खरीदने आते हैं. बच्चों की चप्पलों से लेकर महिलाओं की सैंडल, पुरुषों के जूते, स्पोर्ट्स शूज, स्कूल शूज, फैशन फुटवियर, पार्टी वियर सैंडल और हवाई चप्पलों तक लगभग हर तरह का फुटवियर यहां उपलब्ध है. यही कारण है कि इसे फुटवियर कारोबार का बड़ा सेंटर माना जाता है.

क्या सच में 7 रुपये की चप्पल मिलती है?
सोशल मीडिया पर अक्सर दावा किया जाता है कि इस बाजार में 7 रुपये की चप्पल मिलती है. यह दावा पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन इसके पीछे एक महत्वपूर्ण बात छिपी होती है. इतनी कम कीमत आमतौर पर साधारण EVA या PVC स्लीपर की होती है और इस रेट पर चप्पल तभी मिलती है जब कोई बिजनेसमैन दर्जनों या सैकड़ों जोड़ी एक साथ खरीदता है. अगर कोई ग्राहक सिर्फ एक या दो जोड़ी खरीदने पहुंचेगा तो उसे यह कीमत नहीं मिलेगी. यहां कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि सामान की गुणवत्ता कैसी है, डिजाइन कितना नया है, किस साइज का है और खरीदार कितनी मात्रा में ऑर्डर दे रहा है. जितनी ज्यादा खरीदारी होगी, प्रति जोड़ी कीमत उतनी ही कम होती जाएगी.

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यहां किस रेंज में मिलता है फुटवियर?
इस बाजार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां हर बजट के लिए फुटवियर उपलब्ध है. साधारण हवाई चप्पलों की शुरुआती कीमत करीब 7 से 25 रुपये तक हो सकती है. बच्चों की चप्पलें लगभग 20 से 80 रुपये के बीच मिल जाती हैं. महिलाओं की सैंडल 60 रुपये से शुरू होकर 250 रुपये या उससे अधिक तक जाती हैं. पुरुषों की चप्पलें आमतौर पर 70 से 250 रुपये के बीच मिलती हैं. स्पोर्ट्स शूज 120 से 400 रुपये तक और स्कूल शूज 100 से 300 रुपये के बीच उपलब्ध रहते हैं. यदि आप बेहतर क्वालिटी या लेदर लुक वाले जूते खरीदना चाहते हैं तो उनकी कीमत लगभग 200 से 600 रुपये तक हो सकती है. त्योहारों, सीजन और मांग के हिसाब से इन कीमतों में थोड़ा बहुत बदलाव भी देखने को मिलता है.

आखिर इतने सस्ते कैसे मिल जाते हैं?
कई लोगों के मन में सवाल आता है कि यहां सामान इतने कम दाम में कैसे बिकता है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यहां अधिकांश फुटवियर सीधे फैक्ट्रियों से आता है. बीच में कई स्तर के बिचौलियों का खर्च नहीं जुड़ता, जिससे रेट काफी कम होता है. इसके अलावा यहां रोजाना हजारों जोड़ी जूते-चप्पलों की बिक्री होती है. अधिक मात्रा में कारोबार होने के कारण दुकानदार कम मुनाफे पर भी अच्छी कमाई कर लेते हैं. कई दुकानदार अपने निजी ब्रांड के नाम से भी सामान बेचते हैं, जिससे बड़े ब्रांड का अतिरिक्त खर्च नहीं जुड़ता और ग्राहक को सस्ता माल मिल जाता है.

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कितने पैसे से शुरू हो सकता है बिजनेस?
अगर आप फुटवियर का छोटा कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो बहुत बड़ी पूंजी की जरूरत नहीं होती. करीब 20 हजार रुपये में आप अलग-अलग डिजाइन की 150 से 250 जोड़ी तक चप्पल और सैंडल खरीद सकते हैं. यदि आपका बजट 50 हजार रुपये है तो आप पुरुष, महिला और बच्चों के फुटवियर का अच्छा-खासा स्टॉक तैयार कर सकते हैं और छोटी दुकान, ठेला, ऑनलाइन स्टोर या सोशल मीडिया के जरिए बिक्री शुरू कर सकते हैं. वहीं अगर आपके पास लगभग 1 लाख रुपये का बजट है तो आप एक छोटी फुटवियर शॉप खोल सकते हैं, जिसमें ग्राहकों के लिए कई तरह के डिजाइन, रंग और अलग-अलग साइज उपलब्ध रखे जा सकते हैं. धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या बढ़ने पर कारोबार को और बड़ा किया जा सकता है.

कितना मुनाफा हो सकता है?
फुटवियर कारोबार में मुनाफा पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने सामान किस कीमत पर खरीदा और किस कीमत पर बेचा. आमतौर पर इस कारोबार में 30 से 50 प्रतिशत तक का मार्जिन देखा जाता है. कुछ फैशन फुटवियर या ट्रेंडिंग डिजाइन वाले प्रोडक्ट्स में यह मार्जिन 70 से 100 प्रतिशत तक भी पहुंच सकता है. उदाहरण के तौर पर अगर किसी दुकानदार ने 100 रुपये में एक सैंडल खरीदी और उसे 180 रुपये में बेच दिया तो प्रति जोड़ी उसे 80 रुपये का मार्जिन मिल सकता है. हालांकि वास्तविक लाभ निकालते समय दुकान का किराया, ट्रांसपोर्ट, पैकिंग, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च भी जोड़ने पड़ते हैं.

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कौन-कौन लोग यहां से माल खरीदते हैं?
इस बाजार में सिर्फ बड़े बिजनेसमैन ही नहीं आते बल्कि गांवों के छोटे दुकानदार, शहरों के रिटेलर, फुटपाथ पर जूते-चप्पल बेचने वाले विक्रेता, मेले लगाने वाले कारोबारी, ऑनलाइन सेलर और सोशल मीडिया के जरिए कारोबार करने वाले युवा भी बड़ी संख्या में खरीदारी करते हैं. आजकल कई लोग यहां से माल खरीदकर अनेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो और अपने इंस्टाग्राम या फेसबुक पेज के जरिए बेचकर अच्छी कमाई कर रहे हैं. यही वजह है कि यह बाजार नए कारोबारियों के लिए भी काफी लोकप्रिय बन चुका है.

पहली बार खरीदारी करने जा रहे हैं तो क्या ध्यान रखें?
अगर आप पहली बार इस बाजार में खरीदारी करने जा रहे हैं तो जल्दबाजी बिल्कुल न करें. सबसे पहले अलग-अलग दुकानों पर जाकर कीमत और क्वालिटी की तुलना करें. शुरुआत में बहुत ज्यादा स्टॉक खरीदने की बजाय सीमित मात्रा में सामान खरीदें ताकि आपको यह समझ आ सके कि आपके इलाके में किस तरह का फुटवियर ज्यादा बिकता है. हर जोड़ी की क्वालिटी, साइज, सिलाई और फिनिशिंग अच्छी तरह जांचें. खरीदारी करते समय हमेशा पक्का बिल लें और अगर माल दूसरे शहर भेजना है तो ट्रांसपोर्ट का खर्च पहले ही तय कर लें. बड़ी मात्रा में खरीदारी करने पर मोलभाव करना भी न भूलें क्योंकि इससे आपकी लागत काफी कम हो सकती है.

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बाजार जाने का सही समय
थोक खरीदारी के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है. उस समय भीड़ कम रहती है और दुकानदार आराम से माल दिखाते हैं. सोमवार से शनिवार तक यहां ज्यादातर दुकानें खुली रहती हैं, जबकि कुछ दुकानें रविवार को बंद रहती हैं. यदि आप पहली बार जा रहे हैं तो पूरे दिन का समय लेकर जाएं ताकि कई दुकानों में रेट और क्वालिटी की तुलना कर सकें.

क्या ऑनलाइन से भी सस्ता पड़ता है?
आजकल ज्यादातर लोग सोचते हैं कि ऑनलाइन सबसे सस्ता सामान मिलता है, लेकिन कई मामलों में ऐसा नहीं होता. ऑनलाइन कीमत में पैकेजिंग, वेयरहाउस, डिलीवरी, रिटर्न और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का कमीशन भी शामिल होता है. इसके विपरीत होलसेल बाजार में आप सीधे व्यापारी से खरीदारी करते हैं, इसलिए वही सामान काफी कम कीमत में मिल सकता है. यही कारण है कि कई ऑनलाइन विक्रेता भी अपना माल इसी तरह के थोक बाजारों से खरीदते हैं.

इस बाजार में आम ग्राहक भी खरीदारी कर सकते हैं, लेकिन अधिकतर दुकानदार थोक बिक्री को प्राथमिकता देते हैं. यदि कोई व्यक्ति केवल एक या दो जोड़ी खरीदना चाहता है तो उसे सामान तो मिल जाएगा, लेकिन उसे वही सबसे कम कीमत नहीं मिलेगी जो थोक खरीदने वाले व्यापारी को मिलती है. इसलिए अगर आप सस्ते दाम का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं तो ज्यादा मात्रा में खरीदारी करना बेहतर माना जाता है.

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अगर आपका सपना कम इन्वेस्टमेंट अपना कारोबार शुरू करने का है, तो दिल्ली का टेलीवाड़ा फुटवियर मार्केट आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है. यहां बेहद सस्ती चप्पलों से लेकर प्रीमियम जूतों तक हर तरह का फुटवियर मिलता है. सही दुकान चुनकर, क्वालिटी की जांच करके और बाजार की मांग को समझ कर आप 20 हजार रुपये जैसी छोटी पूंजी से भी अपना फुटवियर बिजनेस शुरू कर सकते हैं. 

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