उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया. जंगलचट्टी के निकट चिरबासा हेलीपेड के पास ऊपरी पहाड़ी से अचानक बड़े-बड़े पत्थर और बोल्डर गिरने लगे. इस दौरान मार्ग से गुजर रहा एक घोड़ा, उस पर सवार यात्री और घोड़ा संचालक इसकी चपेट में आ गए.
जानकारी के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार 5 जून को दोपहर करीब 3 बजे हुई. घटना की सूचना मिलते ही जंगलचट्टी में तैनात पुलिस बल, डीडीआरएफ, वाईएमएफ की टीम और गौरीकुंड सेक्टर अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे. इसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया.
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रेस्क्यू टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मलबे और पत्थरों के बीच फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया. हादसा इतना गंभीर था कि घोड़ा संचालक को बचाया नहीं जा सका और उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
घोड़ा संचालक की मौके पर मौत
हादसे में जान गंवाने वाले घोड़ा संचालक की पहचान देवेश सिंह के रूप में हुई है. वह रुद्रप्रयाग जिले के बड़ासू क्षेत्र का रहने वाला था. बताया जा रहा है कि वह केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यात्रियों को घोड़े के जरिए आवाजाही की सुविधा उपलब्ध कराता था.
अचानक हुए इस हादसे ने यात्रा मार्ग पर मौजूद लोगों को भी दहला दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने लगे, जिससे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. घोड़ा और उसके साथ चल रहा संचालक सीधे पत्थरों की चपेट में आ गए.
स्थानीय प्रशासन ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है. पुलिस और प्रशासन की ओर से आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
राजस्थान का यात्री घायल, गौरीकुंड में उपचार जारी
इस हादसे में एक यात्री भी घायल हुआ है. घायल यात्री की पहचान विष्णु के रूप में हुई है, जो राजस्थान का निवासी बताया गया है. रेस्क्यू टीम ने उसे सुरक्षित निकालकर प्राथमिक उपचार के लिए गौरीकुंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा.
अधिकारियों के अनुसार घायल यात्री को समय रहते राहत टीमों ने मौके से निकाला, जिसके बाद उसे चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई. फिलहाल उसकी हालत पर डॉक्टरों की निगरानी रखी जा रही है.
घटना के बाद कुछ समय के लिए यात्रा मार्ग पर आवाजाही भी प्रभावित हुई. हालांकि प्रशासन और राहत एजेंसियों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए मार्ग की निगरानी बढ़ा दी है.
पुलिस, डीडीआरएफ और वाईएमएफ ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही पुलिस, डीडीआरएफ और वाईएमएफ की संयुक्त टीमों ने तेजी से कार्रवाई की. कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल ने तत्काल घटनास्थल तक पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया.
केदारनाथ यात्रा मार्ग पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्र से होकर गुजरता है. मानसून पूर्व और मौसम में बदलाव के दौरान यहां पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं. ऐसे में प्रशासन लगातार यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह देता है.
फिलहाल हादसे के कारणों और घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है. प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें.
प्रवीण सेमवाल