यूपी: 8 मई से इलाहाबाद HC और लखनऊ बेंच में सुनवाई, सोशल डिस्टेंसिंग का करना होगा पालन

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. एक शिफ्ट में क्रिमिनल केस की सुनवाई होगी जबकि अगली शिफ्ट में सिविल केस की कोर्ट खुलेगी. दूसरी ओर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में भी 8 मई से कामकाज शुरू हो जाएगा.

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सांकेतिक तस्वीर (PTI) सांकेतिक तस्वीर (PTI)

शिवेंद्र श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 04 मई 2020,
  • अपडेटेड 10:04 PM IST

  • कोरोना के कारण बंद थी अदालत की कार्यवाही
  • छूट मिलने के साथ ही कोर्ट में कामकाज शुरू

उत्तर प्रदेश में 8 मई से इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ बेंच में सुनवाई शुरू होगी. दोनों हाईकोर्ट में दो शिफ्ट में काम होगा. पहली शिफ्ट 10:30 से 12:30 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी शिफ्ट 1:30 से 3:30 तक चलेगी. यह भी फैसला हुआ कि हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. एक शिफ्ट में क्रिमिनल केस की सुनवाई होगी जबकि अगली शिफ्ट में सिविल केस की कोर्ट खुलेगी. दूसरी ओर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में भी 8 मई से कामकाज शुरू हो जाएगा.

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इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ मीटिंग की और कई जरूरी निर्णय लिए. उन्होंने कोरोना को हराने के लिए हर स्तर पर बेहतर काम करने की आवश्यकता जताई. मुख्यमंत्री ने प्रवासी कामगारों/श्रमिकों के लिए बनाए गए क्वारनटीन सेंटर, आश्रय स्थलों और कम्युनिटी किचन की व्यवस्थाओं में जिलाधिकारी को सहयोग करने के लिए 75 जिलों में आईएएस और वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए.

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा, की एडवायजरी के अनुरूप सुरक्षा के सभी मानक अपनाते हुए उद्योग धंधों को शुरू कराया जाए. कम्युनिटी किचन पहले से ही जियो टैग है, इसी क्रम में क्वारनटीन सेंटर को भी जियो टैग किया जाए. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि हॉटस्पॉट में रहने वाले कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर न आएं. लोग अनिवार्य रूप से मास्क या फेस कवर पहन कर बाहर निकलें.

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ने निर्देश दिया कि बच्चों के टीकाकरण के काम में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए. यह भी ध्यान रखा जाए कि इस काम से जुड़ा पैरामेडिकल स्टाफ मास्क, ग्लव्स और का इस्तेमाल करे. उन्होंने कहा, सभी वेंटीलेटर फंक्शनल रखे जाएं. मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के जरिये ग्राम प्रधानों और पार्षदों से बातचीत कर निगरानी समितियों की से यह सुनिश्चित कराएं कि किसी भी बाहरी व्यक्ति के चोरी-छिपे उनके क्षेत्र में आने पर वे प्रशासन को सूचित किया जाए. उन्होंने कहा, राशन कार्ड की नेशनल पोर्टेबिलिटी योजना से अधिक से अधिक लोगों को जागरूक कर उन्हें लाभान्वित किया जाए.

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