यूपी पंचायत चुनाव: राम की नगरी अयोध्या में भाजपा धराशायी, सपा ने जीती 40 में से 24 सीटें

उत्तर प्रदेश में 4 चरणों में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के वोटों की गिनती जारी है. भारी तैयारियों के बावजूद पंचायत चुनाव में भाजपा शुरुआत से रुझानों में लड़खड़ाने लगी है.

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यूपी पंचायत चुनाव में मतगणना जारी (फाइल फोटो-PTI) यूपी पंचायत चुनाव में मतगणना जारी (फाइल फोटो-PTI)

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 03 मई 2021,
  • अपडेटेड 11:19 PM IST
  • पार्टी प्रत्याशियों पर निर्दलीय पड़ रहे भारी 
  • अयोध्या में 40 में से 24 पर सपा चल रही आगे 
  • त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना अभी जारी

उत्तर प्रदेश में हुआ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है और यूपी विधानसभा चुनाव से पहले इसे लिटमस टेस्ट की तरह देखा जा रहा है. इस लिटमस टेस्ट में कुछ रुझान ऐसे आ रहे हैं, जो कहीं ना कहीं चौंकाने वाले हैं- योगी सरकार में राम मंदिर का कार्य शुरू हो जाना विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा था और न केवल अयोध्या में बल्कि यूपी में बीजेपी को इसके जरिए वोटों में बढ़ोत्तरी की पूरी उम्मीद थी. परंतु, पंचायत चुनाव के रुझानों में कुछ और ही तस्वीर नजर आ रही है.

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अयोध्या में जिला पंचायत की कुल 40 सीटो में से 24 पर समाजवादी परचम फहराने के करीब, 22 सीट पर मतगणना हो चुकी है, जहां सपा ने परचम फहरा दिया है. वहीं दो सीटों पर मतगणना अंतिम चरण में हैं, जहयां भी सपा प्रत्याशियों का बीजेपी प्रत्याशियों से बेहद ही नजदीकी मुकाबला है. वहीं बीजेपी यहां से 6 सीट पर जीत दर्ज कर चुकी है, जबकि बसपा समर्थित पांच प्रत्याशी भी जीत दर्ज कर चुके हैं.

उत्तर प्रदेश में हुए पंचायत चुनावों के पूरे नतीजे अभी तक नहीं आए हैं. आज भी इनके लिए गिनती चल रही है. 3050 जिला पंचायतों में से 702 पर बीजेपी आगे चल रही है. सपा 504 पर, तो बसपा 132 पर बढ़त लिए है. वहीं, कांग्रेस 62 सीटों के साथ आगे है, जबकि अन्य 608 के साथ आगे बढ़ रहे हैं. हालांकि ये सूत्रीय आंकड़े हैं और निर्वाचन आयोग ने अभी आंकड़े जारी नहीं किए हैं. तो वहीं, पश्चिमी यूपी के रुझान यह इशारे कर रहे हैं कि बीजेपी ने किसान आंदोलन के बाद अपना काफी कुछ खो दिया है. जानकारी के मुताबिक बागपत की ज्यादातर सीटों पर आरएलडी आगे चल रही है और बीजेपी काफी पीछे है.

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बता दें की पंचायत चुनाव के उम्मीदवारों के चयन में ही पार्टी में विद्रोह की स्थिति बन गई थी. 79 सीटों के लिए करीब 350 आवेदन आए थे. ज्यादातर आवेदन पार्टी के कार्यकर्ताओं के थे, टिकट ना मिलने पर नाराज कार्यकर्ताओं ने बगावती तेवर अपना लिया था, जिससे नाराज होकर प्रदेश कार्यालय में बगावत करने वाले पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को 6 वर्षों के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया था. इससे अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश नहीं गया था और सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं ने  खीज निकालनी शुरू कर दी थी और अंदर ही अंदर विद्रोह की ज्वाला बढ़ने लगी थी।.

निर्दलीय प्रत्याशियों का दिख रहा दम
यूपी पंचायत चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों का दम दिख रहा है. ये पार्टी प्रत्याशियों पर भारी पड़ रहे हैं. पंचायत चुनाव में बागी व निर्दलीय प्रत्याशी जीत दर्ज कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी के बेटे सहित अनेक सूरमाओं के रिश्तेदारों को पराजय का सामना करना पड़ा है.

ये हार गए चुनाव 
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सपा के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी के बेटे रंजीत चौधरी जिला पंचायत के वार्ड संख्या 16 से पराजित हो गए हैं. वह तीसरे स्थान पर रहे. भाजपा के बिल्थरारोड क्षेत्र के विधायक धनन्जय कनौजिया की मां सर्यकुमारी देवी नगरा क्षेत्र पंचायत के वार्ड संख्या 19 से चुनाव हार गई हैं. इसके अलावा भाजपा के पूर्व सांसद हरिनारायण राजभर के बेटे अटल राजभर जिला पंचायत के वार्ड संख्या 24 से, सपा नेता व पूर्व मंत्री शारदा नन्द अंचल के पौत्र विनय प्रकाश अंचल जिला पंचायत के वार्ड संख्या 27 से तथा भाजपा के गोरक्षनाथ प्रांत के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र यादव जिला पंचायत के वार्ड संख्या 10 से चुनाव हार गए हैं.

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