अमर सिंह को समाजवादी पार्टी से राज्यसभा का टिकट मिलने पर यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खान का दर्द सामने आ गया. आजम ने कहा कि मुलायम सिंह यादव पार्टी के मालिक हैं और उनके फैसले के आगे किसी का कोई अधिकार नहीं बनता है.
अमर सिंह के सपा में वापस आने पर उनके धुर विरोधी कहे जाने वाले ने पार्टी में उनकी वापसी को दुखद प्रकरण बताया. की पार्टी में वापसी और राज्यसभा भेजे जाने के बाद आजम रामपुर पहुंच गए. उन्होंने कहा कि जहां तक इस मामले में मैं समझता हूँ कि ये एक दुखद प्रकरण है. लेकिन नेता जी पार्टी के मालिक है. लिहाजा मालिक के फैसले के आगे किसी का कोई अधिकार नहीं बनता है.
आजम ने पूछा- मालिक के फैसले को कैसे चुनौती दें?
आजम से पूछा गया कि अमर की वापसी पर उनका स्टैंड क्या रहेगा? इसका जवाब में उन्होंने कहा, 'पार्लियामेंट्री बोर्ड में अपनी-अपनी बात सुनने दो, इसलिए हम कह रहे हैं कि ये दुखद प्रकरण है. लेकिन नेता जी राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और हमने ही प्रस्ताव पेश किया था. फिर मालिक के फैसले को चुनौती नहीं दी जा सकती है.'
समाजवादी पार्टी अमर सिंह के साथ-साथ हाल ही में कांग्रेस छोड़कर आए बेनी प्रसाद वर्मा को भी राज्यसभा भेजेगी. सपा ने मंगलवार को इनके अलावा पांच अन्य नामों का भी ऐलान किया. ऊपरी सदन जाने वालों की लिस्ट में संजय सेठ, अरविंद प्रताप सिंह. सुखराम सिंह यादव, रेवती रमण सिंह और विश्वंभर प्रसाद निषाद के नाम भी शामिल हैं.
अभिषेक रस्तोगी / रोहित गुप्ता