मॉब लिंचिंग पर मायावती ने मोदी सरकार को घेरा, कहा- अब पुलिस भी हो रही शिकार

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार के रवैए पर सवाल उठाया है. मायावती ने उन्मादी भीड़ की हिंसा को न रोक पाने पर केंद्र सरकार को उदासीन बताया.

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बीएसपी सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो- IANS) बीएसपी सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो- IANS)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 2:10 PM IST

मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने मोदी सरकार पर ट्विटर के जरिए जमकर निशाना साधा है. मायावती ने मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार के रवैए पर सवाल उठाया है. उन्होंने ने शनिवार को ट्वीट कर उन्मादी भीड़ की हिंसा को न रोक पाने पर केंद्र सरकार को उदासीन बताया. मायावती ने मॉब लिंचिंग को भयानक बीमारी बताया और कहा कि अब पुलिस भी मॉब लिंचिंग का शिकार हो रही है.

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बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र को गंभीर होकर मॉब लिंचिंग पर अलग से देशव्यापी कानून अब तक जरूर बना लेना चाहिए था. लेकिन लोकपाल की तरह मॉब लिंचिंग के मामले में भी केंद्र उदासीन है और कमजोर इच्छाशक्ति वाली सरकार साबित हो रही है. ऐसे मे यूपी विधि आयोग की पहल स्वागतोग्य है.

मॉब लिंचिंग पर मायावती के ट्वीट

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया, ‘मॉब लिंचिंग एक भयानक बीमारी के रुप में देश भर में उभरने के पीछे वास्तव में खासकर बीजेपी सरकारों की कानून का राज स्थापित नहीं करने की नीयत और नीति की ही देन है, जिससे अब केवल दलित, आदिवासी व धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोग ही नहीं बल्कि सर्वसमाज के लोग और पुलिस भी शिकार बन रही है.’

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साथ ही मायावती ने अगले ट्वीट में लिखा, ‘सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र को गंभीर होकर मॉब लिंचिंग पर अलग से देशव्यापी कानून अबतक जरूर बना लेना चाहिए था लेकिन लोकपाल की तरह माब लिंचिग के मामले में भी केंद्र उदासीन है व कमजोर इच्छाशक्ति वाली सरकार साबित हो रही है. ऐसे मे यूपी विधि आयोग की पहल स्वागतोग्य है.

मायावती से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने मॉब लिंचिंग पर बड़ा बयान दिया था. सलमान खुर्शीद ने कहा कि मुझे लगता है कि दिल्ली के उन इलाकों में डर का कोई माहौल नहीं है, जहां हम रहते हैं या काम करते हैं, लेकिन हां छोटे शहरों और गांवों में इसका डर जरूर है. यह भारतीय की जिम्मेदारी है कि वे इस डर को खत्म करें.

गौरतलब है कि बता दें कि 20 जून को झारखंड के धतकीडीह गांव में तबरेज अंसारी नाम का एक मुस्लिम युवक भीड़ की हिंसा का शिकार हुआ था. चोरी के शक में लोगों ने उसे पकड़कर बुरी तरह से पीटा. उसे 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर किया. इसके बाद गंभीर रूप से घायल तबरेज ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. इस घटना पर विपक्ष ने एनडीएन सरकार जमकर निशाना साधा. वहीं पीएम मोदी भी इस घटना पर दुख जता चुके हैं.

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