कोई पहली बार विधायक, तो कोई रहा मनमोहन सरकार में मंत्री... योगी कैबिनेट के नए चेहरों की प्रोफाइल

संभावित मंत्रियों की बात करें तो जितिन प्रसाद का नाम सबसे आगे है. इसके अलावा संगीता बिंद, छत्रपाल गंगवार, पलटू राम, दिनेश खटीक, संजय गौड़ और धर्मवीर प्रजापति को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है. आइए जानते हैं इन संभावित चेहरों के बारे में.

Advertisement
फोटो- छत्रपाल गंगवार, जितिन प्रसाद और संगीता बिंद (बाएं से दाएं) फोटो- छत्रपाल गंगवार, जितिन प्रसाद और संगीता बिंद (बाएं से दाएं)

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 26 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 6:50 PM IST
  • जितिन प्रसाद का नाम सबसे आगे
  • आज 6-7 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है

2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने मंत्रिमंडल विस्तार का फैसला किया है. बताया जा रहा है कि रविवार शाम 6-7 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है. सूत्रों के अनुसार संभावित मंत्रियों की बात करें तो जितिन प्रसाद का नाम सबसे आगे है. इसके अलावा संगीता बिंद, छत्रपाल गंगवार, पलटू राम, दिनेश खटीक, संजय गौड़ और धर्मवीर प्रजापति को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है. आइए जानते हैं इन संभावित चेहरों के बारे में.

Advertisement


पलटूराम : 2017 में भारतीय जनता पार्टी के पलटूराम पहली बार जीतकर विधायक बने. पलटू राम मूल रूप से गोंडा जिले के परेड सरकार गांव के रहने वाले हैं. वर्तमान में गोंडा जिला मुख्यालय पर इनका आवास है. इनकी पत्नी ज्ञानमती गोंडा जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं.

2017 के चुनाव में कांग्रेस-सपा गठबंधन प्रत्याशी शिवलाल को 25000 के भारी अंतर से पराजित किया था. वर्तमान विधायक पलटूराम 51 वर्ष के हैं और पोस्टग्रेजुएट तक शिक्षा हासिल की है. उन्होंने छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू किया था. पलटू राम प्रखर वक्ता के रूप में जाने जाते हैं और आम लोगों के बीच  काफी लोकप्रिय हैं. 

जितिन प्रसाद: जितिन प्रसाद के पिता जितेन्द्र प्रसाद भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी (1991)  और पी.वी.नरसिम्हा राव (1994) के राजनीतिक सलाहकार रहे. वे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्ष रह चुके हैं. जितिन प्रसाद ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दून पब्लिक स्कूल (देहरादून, उत्तराखंड) और स्नातक दिल्ली यूनिवर्सिटी से किया. उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधन संस्थान (दिल्ली) से MBA किया है.

Advertisement

केंद्रीय मंत्री रहे जितिन

जितिन प्रसाद 2001 में युवा कांग्रेस के सचिव बने. 2004 में वे शाहजहांपुर लोकसभा सीट से पहली बार जीते. 2008 में केंद्रीय इस्पात मंत्री बनाए गए. 2009 में जितिन प्रसाद धौरहरा से जीतकर लोकसभा पहुंचे. यूपीए 2 में वे मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री रहे.

जितिन प्रसाद शाहजहांपुर ,लखीमपुर तथा सीतापुर में काफी लोकप्रिय नेता हैं. 2014 में मोदी लहर में जितिन प्रसाद को धौरहरा सीट से हार का सामना करना पड़ा. 2019 में भी वे इस सीट से हार गए. 2017 में भी जितिन को विधानसभा चुनाव में शाहजहांपुर की तिलहर सीट से हार का सामना करना पड़ा. अभी जितिन भाजपा में शामिल हुए हैं. 

डॉ. संगीता बिंद: गाजीपुर से सदर विधायक हैं. डॉ संगीता बलवंत का जन्म गाजीपुर शहर में हुआ, इनके पिता स्व रामसूरत बिंद रिटायर्ड पोस्टमैन थे. छात्र जीवन में पढ़ाई और कविता का शौक रहा है. छात्र जीवन में ही राजनीति की शुरुआत की. स्थानीय पीजी कॉलेज, गाजीपुर में छात्रसंघ उपाध्यक्ष रहीं. बिंद के पति अवधेश होम्योपैथिक डॉक्टर हैं.

पूर्वांचल में बिंद (ओबीसी) का अच्छा खासा वोट बैंक है. संगीता इसी जाति से आती हैं. भारतीय जनता पार्टी से इनका जुड़ाव 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान हुआ, मनोज सिन्हा की करीबी मानी जाने वाली डॉ संगीता बलवंत को 2017 में सिन्हा के प्रयासों से ही टिकट मिला. 

Advertisement


छत्रपाल गंगवार: बरेली के बहेड़ी विधानसभा से भाजपा विधायक हैं. कुर्मी जाति से आने वाले छत्रपाल गंगवार बहेड़ी विधानसभा से दूसरी बार विधायक बने हैं. बरेली के दमखोदा के रहने वाले  छत्रपाल सिंह गंगवार पहली बार साल 2007 के चुनाव में बहेड़ी सीट से  विधानसभा पहुंचे थे.  छत्रपाल ने 2007 में  सपा के अताउर्रहमान को कम वोटों के अंतर से हराया था.

2012 में अताउर्रहमान ने इन्हें हराया और मंत्री बने. इसके बाद वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी नसीम अहमद को हराकर वह दूसरी बार विधानसभा पहुंचे. माना जा रहा है कि चुनाव से पहले मंत्रिमंडल में छत्रपाल गंगवार को शामिल कर भाजपा बरेली से सांसद संतोष गंगवार की मोदी कैबिनेट से छुट्टी की भरपाई करने में जुटी है. 

दिनेश खटीक: मेरठ की हस्तिनापुर विधानसभा सीट से भाजपा हैं. विधायक दिनेश खटीक मवाना थाना क्षेत्र के कस्बा फलावदा के रहने वाले हैं. 2017 में पहली बार भाजपा की ओर से हस्तिनापुर विधानसभा से चुनाव लड़ा और बसपा प्रत्याशी को योगेश वर्मा को मात दी. दिनेश खटीक शुरू से ही भाजपा में रहे हैं और संघ के कार्यकर्ता रहे हैं.

इनके पिता भी संघ के कार्यकर्ता रहे हैं. इनके भाई नितिन खटीक जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं. वर्तमान में वह मेरठ के गंगानगर में रहते हैं. क्षेत्रीय विधायक दिनेश खटीक द्वारा हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली प्राचीन ऐतिहासिक नगरी में कई बड़े विकास कार्य कराए गए. 

Advertisement

 

 संजय सिंह गौड़ : संजय सोनभद्र जिले की ओबरा सीट से भाजपा विधायक हैं. संजय 2017 में पहली बार विधायक चुने गए. 


धर्मवीर प्रजापति : धर्मवीर जनवरी 2021 से विधान परिषद के सदस्य हैं. वे पश्चिमी यूपी से आते हैं और ओबीसी समाज से हैं.

 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »