हाथरस केस पर हाई कोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान, आज सुनवाई, जानें क्या होना है?

सुनवाई के लिए पीड़िता का परिवार भी अदालत में मौजूद रहेगा, जबकि अफसरों से जानकारी मांगी जाएगी. एक अक्टूबर को हाई कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लिया था और परिवार की सुरक्षा के साथ-साथ इस मामले में इंसाफ की बात कही थी. जिसके बाद इस मामले पर सुनवाई लिस्ट की गई थी.

Advertisement
हाथरस कांड पर आज अदालत में सुनवाई (फाइल फोटो) हाथरस कांड पर आज अदालत में सुनवाई (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 12 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 10:26 AM IST
  • हाथरस कांड पर आज HC में सुनवाई
  • पीड़ित परिवार का पक्ष सुनेगी अदालत

हाथरास कांड का मामला अब हाई कोर्ट तक पहुंच गया है. सोमवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच हाथरस कांड पर सुनवाई करेगी. अदालत ने इस मामले में खुद ही संज्ञान लिया था और सरकार से जवाब मांगा था. सुनवाई के लिए पीड़िता का परिवार भी अदालत में मौजूद रहेगा, जबकि अफसरों से जानकारी मांगी जाएगी. एक ओर ये सुनवाई शुरू होगी तो दूसरी ओर सीबीआई ने भी इस मामले को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू कर दी है.

आज अदालत में क्या होना है?
•    एक अक्टूबर को हाई कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लिया था और परिवार की सुरक्षा के साथ-साथ इस मामले में इंसाफ की बात कही थी. जिसके बाद इस मामले पर सुनवाई लिस्ट की गई थी. 

•    दोपहर ढाई बजे इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी. 

•    पीड़िता का परिवार इस दौरान अदालत में अपना बयान देगा, जिसमें घटना की जानकारी, घटना के बाद क्या हुआ और अब सुरक्षा को लेकर क्या हालात हैं. पीड़िता के माता, पिता, भाई, भाभी कड़ी सुरक्षा में लखनऊ पहुंच रहे हैं.  

•    पीड़ित परिवार के साथ एक मजिस्ट्रेट, सीओ भी मौजूद हैं. जबकि एसडीएम के जिम्मे पीड़िता के परिवार को सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी है. 

•    अदालत में होने वाली सुनवाई इन-पर्सन सुनवाई होगी. यानी कोर्ट रूम में सिर्फ इस केस से जुड़े लोग ही उपस्थित रहेंगे. जस्टिस पंकज मित्तल, जस्टिस रंजन रॉय इस मामले को सुनेंगे.

•    हाई कोर्ट की ओर से यूपी के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, गृह सचिव, डीजीपी, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, हाथरस के डीएम, एसपी को भी समन किया गया है. अदालत की ओर से इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी जाएगी. साथ ही घटना होने से अबतक की सारी जानकारियां तलब की जाएंगी.

गौरतलब है कि हाथरस की घटना 14 सितंबर को हुई थी, जबकि 29 सितंबर को इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी. उसके बाद जल्दबाजी में जिस तरह प्रशासन ने अंतिम संस्कार किया, उसपर काफी सवाल उठे. तब से परिवार की सुरक्षा, स्थानीय प्रशासन के व्यवहार जैसे तमाम मसलों पर यूपी सरकार घेरे में आती रही है. 

Advertisement


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »