1 दिसंबर को रिलीज न की जाए पद्मावती, शांति भंग होने का डर: योगी आदित्यनाथ

योगी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि राज्‍य में स्‍थानीय निकाय चुनाव तथा बारावफात को देखते हुए फिल्‍म का रिलीज होना शांति व्‍यवस्‍था के हित में नहीं होगा.

Advertisement
योगी सरकार ने केंद्र से की पद्मावती के रिलीज पर रोक लगाने की मांग योगी सरकार ने केंद्र से की पद्मावती के रिलीज पर रोक लगाने की मांग

आशुतोष कुमार मौर्य / कुमार अभिषेक / नंदलाल शर्मा

  • लखनऊ,
  • 16 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 12:18 PM IST

फिल्म पद्मावती पर यूपी डीजीपी की बड़ी बैठक के बाद योगी सरकार ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह 1 दिसंबर को होने वाले फिल्म पद्मावती की रिलीज को टाल दे,  क्योंकि इस दिन राज्य में निकाय चुनाव के नतीजे आने हैं. सरकार का कहना है कि एक तरफ नतीजों को लेकर कानून व्यवस्था बनाए रखना और दूसरी तरफ फिल्म रिलीज के वक्त हंगामे को संभालना एक साथ मुश्किल है.

Advertisement

योगी सरकार की तरफ से प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव को भेजे पत्र में लिखा है कि ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ और काल्पनिक कथाओं वाली फिल्में समाज में विद्वेष पैदा करने के साथ ही कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती होती जा रही है.

पत्र में कहा गया है कि फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही विभिन्न संगठनों में खासा गुस्सा है और कई संगठनों ने फिल्म के प्रदर्शन होने पर सिनेमाघरों में तोड़फोड़ आगजनी और सड़कों पर आंदोलन की चेतावनी दे रखी है. ऐसे में इसकी रिलीज को टाला जाए. इस पत्र में सेंसर बोर्ड से भी लोगों की भावनाओं का आदर करने की अपील की गई है.

पद्मावती की राह में कई मुश्किलें

राज्‍य सरकार के प्रवक्‍ता के अनुसार गृह विभाग ने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण सचिव को खत लिखकर बताया है कि पद्मावती फिल्म की कथावस्तु एवं ऐतिहासिक किए जाने को लेकर व्याप्त जनाक्रोश एवं इसके सार्वजनिक चित्रण से शांति-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है.

विभिन्‍न संगठन फिल्म के प्रदर्शित होने पर सिनेमाघरों में तोड़फोड़, आगजनी की चेतावनी दे रहे हैं. ऐसे में मंत्रालय से अनुरोध है कि वह इस बारे में सेंसर बोर्ड को बताएं, जिससे फिल्म के प्रमाणन पर निर्णय लेते समय बोर्ड के सदस्य जनभावनाओं को जानते हुए विधि अनुसार निर्णय ले सकें.

Advertisement

करणी सेना का 1 दिसंबर को भारत बंद

उल्लेखनीय है कि फिल्म का विरोध कर रही करणी सेना ने फिल्म की रिलीज वाले दिन एक दिसंबर को ही भारत बंद का आह्वान किया है. साथ ही करणी सेना ने धमकी भी दी है कि जिस सिनेमाघर में यह फिल्म लगेगी, उस .

उधर उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने पत्र में कहा है, "चूंकि प्रदेश में इस वक्‍त नगरीय निकायों के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. वोटों की गिनती एक दिसम्‍बर को होगी. अगले दिन बारावफात का पर्व भी होना सम्भावित है, जिसमें पारम्परिक रूप से मुस्लिम समुदाय व्यापक पैमाने पर जुलूस निकालता है. ऐसे में अगर फिल्‍म के खिलाफ कोई प्रदर्शन होने पर प्रदेश में व्यापक पैमाने पर अशांति तथा कानून एवं व्यवस्था भंग होने की स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं. ऐसे में आगामी एक दिसम्बर को फिल्म का रिलीज होना शांति-व्यवस्था के हित में नहीं होगा."

इंटेलिजेंस रिपोर्ट में भी शांति भंग होने की आशंका

योगी सरकार ने अपने पत्र में यह उल्लेख भी किया है कि पद्मावती फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने को लेकर कुछ संगठनों ने उच्‍चतम न्यायालय में याचिका दाखिल की थी, जिसको न्यायालय द्वारा इस टिप्पणी के साथ नहीं सुना गया कि इसके लिए राहत का वैकल्पिक पटल उपलब्ध है. यानी इस फिल्म के संबंध में संबंधित पक्ष द्वारा सेंसर बोर्ड के समक्ष आपत्तियां उठायी जा सकती हैं.

Advertisement

प्रमुख गृह सचिव ने केंद्र को भेजे अपने पत्र में इंटेलिजेंस रिपोर्ट का भी हवाला दिया है, जिसमें कहा गया है कि 9 अक्टूबर को फिल्म का ट्रेलर लॉन्च होने के बाद से ही कई सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य संगठन इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इन संगठनों द्वारा फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाए जाने की मांग को लेकर बैठक, प्रदर्शन, नारेबाजी, जुलूस, पुतला दहन, ज्ञापन आदि के जरिए तीव्र प्रतिक्रिया जताई जा रही है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »