मासूम से रेप पर सजा-ए-मौत! POCSO एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर

12 साल तक की बच्ची से रेप के दोषियों को मौत की सजा देने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. शनिवार को प्रधानमंत्री आवास पर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. अब सरकार इसके लिए अध्यादेश लाएगी.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

राम कृष्ण

  • नई दिल्ली,
  • 21 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 9:29 PM IST

12 साल तक की बच्ची से रेप के दोषियों को मौत की सजा देने के प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. शनिवार को प्रधानमंत्री आवास पर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. अब सरकार इसके लिए अध्यादेश लाएगी. कैबिनेट की बैठक में 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस' यानी POCSO एक्ट में संशोधन को मंजूरी मिलने से 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के दोषियों को मौत की सजा दिए जाने का रास्ता साफ हो गया.

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और उत्तर प्रदेश के एटा में नाबालिग बच्चियों के साथ रेप की घटनाओं ने देश को झकझोर कर रख दिया है, जिसके बाद सरकार ने नाबालिग बच्चियों से रेप करने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने का फैसला लिया है. इससे पहले महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा था कि वो कठुआ और हाल में हुई दूसरी बलात्कार की घटनाओं से बहुत दुखी हैं और उनका मंत्रालय बहुत जल्द ही पॉक्सो एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने पेश करेगा.

फिलहाल इस कानून में दोषियों के लिए मौत की सजा का प्रावधान नहीं है. कैबिनेट की बैठक के एक दिन पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका के जवाब में एक पत्र देकर कहा था कि वह POCSO एक्ट में संशोधन करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है, जिसके तहत 12 साल से कम की बच्चियों के साथ बलात्कार के लिए फांसी की सजा का प्रावधान होगा.

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सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी. कठुआ में आठ साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार और उसके बाद हत्या की घटना के बाद से ऐसे के लिए फांसी की सजा की मांग उठ रही है. केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने जब इस प्रस्ताव के बारे में कहा तो उन्हें हर तरफ से इसको लेकर समर्थन मिला.

नाबालिगों से बलात्कार की बढ़ती घटनाओं को लेकर राहुल गांधी ने भी ट्वीट करके प्रधानमंत्री का ध्यान इस ओर खींचा था. राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा था कि सिर्फ 2016 में ही नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार के 19,675 मामले सामने आए. उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री को इन मामलों में तेजी से सुनवाई करके पीड़ितों को न्याय दिलाने का उपाय करना चाहिए.

दो दिन पहले ही मेनका गांधी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए स्पेशल सेल बनाने को कहा था. मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल को लिखे गए पत्र में मेनका गांधी ने कहा था कि ऐसे मामलों की जांच और सबूत इकट्ठा करने के लिए पुलिस के लोगों की विशेष ट्रेनिंग होनी चाहिए और राज्यों में फॉरेंसिक लैब की स्थापना होनी चाहिए, जिससे दोषी बच न सके और उन्हें तेजी से सजा दिलाई जा सके.

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वहीं, आजतक से बातचीत में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा, ''मैं पॉक्सो एक्ट में संशोधन की लंबे समय से मांग कर रही हूं. हम इसका स्वागत करते हैं.'' उन्होंने कहा कि बच्चियों से रेप के दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बनाई जानी चाहिए.

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