सुषमा स्वराज ने की पाकिस्तानी माता-पिता की मदद, बेटे की होगी भारत में सर्जरी

भारत में अपने बच्चे के दिल का इलाज के लिए मेडिकल वीजा के लिए तमाम कोशिशों के बाद, पाकिस्तान, लाहौर के कनवाल सादिक के एक ट्वीट का जवाब देते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा चिंता न करें रेहान को कुछ नही होगा,जिसके तुरंत बाद पाकिस्तानी परिवार के लिए वीजा का आदेश दिया. आज पहुचेंगे भारत.

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सुषमा स्वराज सुषमा स्वराज

लव रघुवंशी

  • नई दिल्ली,
  • 12 जून 2017,
  • अपडेटेड 10:54 AM IST

भारत में अपने बच्चे के दिल के इलाज के लिए मेडिकल वीजा के लिए तमाम कोशिशों के बाद, पाकिस्तान के कनवाल सादिक के एक ट्वीट का जवाब देते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा चिंता न करें रेहान को कुछ नही होगा. जिसके तुरंत बाद पाकिस्तानी परिवार के लिए वीजा का आदेश दिया. 

रोहान के जेपी हॉस्पिटल आने के बाद सबसे प्रख्यात पीडियाट्रिक डॉ. आशुतोष मारवाह उसकी पूरी जांच करेंगे और इसके बाद विश्व प्रसिद्ध पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जन डॉ. राजेश शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा ऑपरेशन किया जाएगा.

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रेहान की उम्र मात्र चार माह है उसके दिल में छेद है. रेहान के माता-पिता भारत में आकर में अपने बच्चे का इलाज कराना चाहते हैं परंतु उन्हें वीज़ा नही मिल रहा था.

आपको बता दें कि तमाम कोशिशों के बाद भी जब वीजा नही मिला तो रेहान के पिता कनवाल सादिक ने वीजा प्राप्त करने के लिए ट्विटर के जरिए सुषमा स्वराज से गुहार लगाई. इस पर सुषमा ने इलाज कराने के लिए भारत आने की हामी भर दी.

ट्विटर पर कनवाल का जवाब देते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि भले ही दोनों देशों के कितने भी तनावपूर्ण हों परंतु इसका प्रभाव रेहान के इलाज पर नहीं पड़ने दिया जाएगा. इसके बाद कनवाल सादिक को पाकिस्तान स्थित भारतीय विदेश मंत्री के कार्यालय में संपर्क करने की सलाह दी गई, जिसके बाद कनवाल को मेडिकल वीजा दे दिया गया.

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उधर जेपी जेपी हॉस्पिटल से संपर्क करने पर जेपी हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. मनोज लूथरा ने बताया कि रेहान की सर्जरी के लिए भारत के कई अस्पतालों में से जेपी हॉस्पिटल का चयन किया जाना हमारे लिए बहुत ही सम्मान की बात है.

उन्होंने कहा कि रेहान को जिस तरह की बीमारी है, उसका समय पर इलाज होना बहुत जरूरी है. सुषमा स्वराज द्वारा किए गए मानवीय सहयोग के लिए हम उनका दिल से आभार प्रकट करते हैं. ऐसे में विदेश मंत्री ने दोनों देशों के तनाव को अलग रखकर एक बार फिर से मानवीय धर्म को प्राथमिकता दी, जो एक बहुत अच्छी मिसाल है.

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