राफेल पर फैसले की होगी समीक्षा? जल्द सुनवाई पर विचार करेगा SC

Rafale deal case वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में राफेल विमान सौदे को लेकर दायर की गई पुनर्विचार याचिकाओं का मुद्दा उठाया. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इन याचिकाओं पर विचार करने को कहा है

Advertisement

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 21 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 1:26 PM IST

राफेल विमान सौदे का मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर पहुंचा है. वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में राफेल मामले के फैसले पर पुनर्विचार याचिकाओं का मुद्दा उठाया. जिसपर सुनवाई करने के लिए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने विचार करने को कहा है. चीफ जस्टिस ने कहा है कि वह सभी लंबित याचिकाओं की लिस्टिंग पर विचार कर रहे हैं, साथ ही इसके लिए एक नई बेंच का गठन भी किया जाना बाकी है.

Advertisement

आपको बता दें कि राफेल विमान सौदे में कथित गड़बड़ी को लेकर पहले भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. अपने पिछले फैसले में कोर्ट से केंद्र सरकार को राहत मिली थी, लेकिन कुछ टाइपिंग की गलती होने के कारण फैसला विवादों में आ गया था. अब एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में राफेल सौदे से जुड़ी कई याचिकाएं दायर की गई हैं.

पहले खारिज हो चुकी हैं याचिका

बता दें कि संबंधित याचिकाओं के समूह को सुप्रीम कोर्ट ने 14 जनवरी को खारिज कर दिया था. इस समूह में पूर्व केंद्रीय मंत्रियों यशवंत सिन्हा और अरूण शौरी तथा वकील प्रशांत भूषण की याचिकाएं भी थीं. तब न्यायालय ने कहा था कि फ्रांस से 36 राफेल विमानों की खरीद में केंद्र की निर्णय लेने की प्रक्रिया पर संदेह का सवाल ही नहीं उठता.

Advertisement

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि राफेल मुद्दे पर 4 आवेदन या याचिकाएं दाखिल की गई हैं और इनमें से एक तो अब तक खामी की वजह से रजिस्ट्री में पड़ी है. इस पीठ में न्यायमूर्ति एल एन राव और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भी हैं.

जब प्रशांत भूषण ने राफेल मामले में याचिकाओं को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की तब पीठ ने कहा ‘‘पीठ (के न्यायाधीशों) में बदलाव करना होगा, यह बहुत मुश्किल है. हमें इसके लिए कुछ करना होगा.

प्रशांत भूषण ने कहा कि समीक्षा याचिकाओं के अलावा एक ऐसा आवेदन भी दाखिल किया गया है जिसमें अदालत को गुमराह करने वाली जानकारी देने के लिए केंद्र सरकार के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई है.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रशांत भूषण के अलावा पूर्व बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने उच्चतम न्यायालय से सोमवार को हाईप्रोफाइल राफेल मामले में सीलबंद लिफाफे में ‘‘झूठी या भ्रामक’’ जानकारी कथित तौर पर देने के लिए केंद्र सरकार के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ झूठे साक्ष्य का मुकदमा शुरू करने का आग्रह किया.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »