केजरीवाल 'बिकाऊ' नहीं, लेकिन आज 'मैं निशब्द, शर्मिंदा और सन्न हूं'!

आम आदमी पार्टी ने अपनी पीएसी की बैठक के बाद दिल्ली से राज्य सभा भेजे जाने वाले तीन नामों की घोषणा कर दी है.

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अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो) अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)

भारत सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 6:27 PM IST

आम आदमी पार्टी की ओर से राज्य सभा के तीन उम्मीदवारों के नाम पर मची घमासान अभी बंद नहीं हुई है. पार्टी की ओर से भेजे जा रहे नामों को लेकर पुराने साथियों ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है.

ऐसा करने वालों में 'स्वराज अभियान' चला रहे योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण और केजरीवाल के पुराने साथी मयंक गांधी शामिल हैं. इन्होंने कारोबारी सुशील गुप्ता को भेजने के फैसले की आलोचना की है.

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सुशील गुप्ता ने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा दिया है. योगेंद्र यादव ने आप की ओर से सुशील गुप्ता के नाम की घोषणा होने के बाद केजरीवाल को अपने निशाने पर लिया. उन्होंने इस सिलसिले में तल्ख लहजे में ट्वीट किया है.

योगेंद्र यादव ने कहा है, 'मैं कहा करता था कि केजरीवाल की गलती चाहे कुछ भी हो, उन्हें खरीदा नहीं जा सकता है. मैंने कपिल मिश्रा के आरोपों के खिलाफ उनका बचाव किया. अब मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं क्या कहूं. मैं निशब्द, शर्मिंदा और सन्न हूं.'

इस पर पूर्व आप नेता मयंक गांधी ने कहा, 'मैंने आपको इसकी ओर इशारा करती कुछ घटनाओं की जानकारी दी थी, लेकिन तब हमें नहीं लगा था कि केजरीवाल ऐसा भी कर सकते हैं'

उन्होंने आगे कहा, 'सोचिए, सुशील गुप्ता को क्यों चुना गया? आप भ्रष्ट हो चुकी है. अब आप और बीएसपी में कोई अंतर नहीं रह गया है.' उन्होंने आप नेतृत्व पर कहा, 'सांप्रदायिक और जातीय वोट बैंक की राजनीति के बाद अब हमने भ्रष्टाचार का आखिरी पड़ाव भी पार कर लिया है.'

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इनके अलावा, पूर्व आप नेता प्रशांत भूषण ने भी राज्य सभा टिकटों को लेकर अपनी पुरानी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन लोगों को टिकट दिया है, जिन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र में कोई योगदान नहीं दिया है. उन्होंने कहा इन लोगों में राज्य सभा में जाने लायक योग्यता नहीं है.

भूषण ने कहा, 'पार्टी ने जिस वादे के साथ अपनी शुरुआत की थी, यह उससे बिल्कुल उलट है.' आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी ने अपनी पीएसी की बैठक के बाद बुधवार को दिल्ली से राज्य सभा भेजे जाने वाले तीन नामों की घोषणा कर दी.

इनमें पार्टी नेता संजय सिंह के साथ सीए एनडी गुप्ता और कारोबारी सुशील गुप्ता के नाम हैं. पार्टी नेताओं और आशुतोष को राज्य सभा में जाने का मौका नहीं मिला.

कुमार विश्वास को अपना नाम फाइनल होने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं होने पर उन्होंने अपनी निराशा जाहिर की है.

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